वैशाली नगर में विराट हिंदू सम्मेलन
अजमेर। वैशाली नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा ने ऐसा समां बांधा की सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, साहू का कुआं, वन विहार कॉलोनी क्षेत्र के धर्मप्रेमी अपने घरों से निकल पडे और आयोजन स्थल धर्ममय हो गया। सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से आरंभ हुई कलश यात्रा वैशाली के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुन: मंदिर पहुंची।
इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा के मुख्य वक्ता प्रोफेसर एसके अरोड़ा ने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने शिक्षा पद्धति पर आक्रमण किया पर वे सफल नहीं हो पाए। हमारे पास समग्र कल्याण की दृष्टि है। हम विश्व की मंगलकामना करते हैं। समाज तेजी से बदल रहा है। जिओ पॉलिटिक्स देखते हैं तो लगता है कि पूरा विश्व हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान की ओर देख रहा है। विश्व का हिन्दुत्व पर विश्वास बढ़ रहा है। आज हीन भावना से निकलकर हमारी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति पर गौरव करने की आवश्यकता है।
बुद्धि, विचार को दूषित होने से बचाएं
लाडली घर के संत कृष्णानंद महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जात-पात की करो विदाई हिंदू-हिंदू भाई-भाई। एकता में ताकत है, जो बंट जाता है वो टूट जाता है। झाड़ू की सींक एक है तो कचरा बाहर करती है, यदि स्वयं अलग-अलग है तो झाड़ू ही कचरा बन जाती हैं। बुद्धि, विचार दूषित हो जाता है तो समाज दूषित हो जाता है। हिंदू को जगाना और भेदभाव दूर करना आवश्यक है।
कुटुम्ब प्रबोधन की आवश्यकता
नीतू शर्मा ने कुटुम्ब प्रबोधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हमारे में स्व का जागरण आवश्यक है। भजन, भोजन, भाषा, वेश भूषा, भरण पोषण एवं स्व युक्त भाव आज की आवश्यकता है। लव जिहाद जैसी बढ रही घटनाओं को रोकने के लिए परिवार में संवाद, अपनी संस्कृति का ज्ञान होना जरूरी है। मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से दूरी और टेक्नोलॉजी के आवश्यक ज्ञान के लिए संयमित उपयोग की सीमा स्वयं को तय करनी होगी।
सम्मेलन स्थल पर साहित्य की स्टॉल के माध्यम से संघ साहित्य बिक्री की गई तथा पाथेय मित्र भी बनाए गए। भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।



