जयपुर। मानसरोवर स्थित सरदार पटेल नगर-अग्रवाल फार्म क्षेत्र की सर्वेश्वर बस्ती में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन सेक्टर-117, 118, 119, द्वारका ट्विन्स, रामकृष्णा अपार्टमेंट, द्वारका अपार्टमेंट्स एवं आसपास के क्षेत्रों के सकल हिन्दू समाज के संयुक्त तत्वावधान में द्वारकादास पुरोहित पार्क (द्वारका पार्क) में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुआ, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पर संपन्न हुई। इसके पश्चात गायत्री परिवार से पधारे विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से नौ कुंडीय महायज्ञ एवं महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवारों ने यज्ञाहुतियाँ अर्पित कीं।
सम्मेलन में महामंडलेश्वर मनोहर लाल के आशीर्वचन प्राप्त हुए। मुख्य वक्ता संस्कार भारती के अखिल भारतीय सह-सम्पर्क प्रमुख उल्लास ने अपने प्रभावी उदबोधन में सनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन काल से चली आ रही हिन्दू जीवन पद्धति आज भी उतनी ही प्रासंगिक और विश्व के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने समाज को संगठित रहकर समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान समाज में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान देने वाले व्यक्तियों और परिवारों का सम्मान किया गया। इसके पश्चात फाग उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सांस्कृतिक आनंद लिया। अंत में भोजन प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें समाज के सभी बंधुओं ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे सामाजिक सौहार्द और सद्भाव का संदेश गया।
सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह को अपनी संस्कृति, विरासत और सनातन मूल्यों की जानकारी दी गई तथा समाज के समक्ष उपस्थित समस्याओं का एकजुट होकर समाधान करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम स्थल पर सद् साहित्य की बिक्री भी की गई, जिससे वैचारिक जागरूकता को बढ़ावा मिला।
विराट हिन्दू सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास रहा।




