केंद्रपाड़ा। ओडिशा के केन्द्रपाड़ा जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप मामले में ओलावर स्थित एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के तीन पुरूष शिक्षकों और एक चपरासी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनका साथ देने वाली एक महिला शिक्षिका को भी गिरफ्तार किया गया है।
पिछले दो वर्षों के दौरान 7वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर बार-बार यौन शोषण करने के आरोप में इन वहशियों को केंद्रपाड़ा की ‘एडीजे-सह-विशेष पॉक्सो अदालत’ के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ कटारिया ने सोमवार को बताया कि रविवार को अदालत ने उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया और उन्हें जेल हिरासत में भेज दिया। उन्होंने बताया कि तीन पुरुष शिक्षकों और स्कूल के चपरासी ने पिछले दो वर्षों में अलग-अलग स्थानों पर नाबालिग के साथ कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म किया और घटना का खुलासा करने पर उसे और उसके छोटे भाई को जान से मारने की धमकी दी। इस अपराध में कथित तौर पर सहायता करने के आरोप में एक शिक्षिका को भी गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया।
पीड़िता की मां ने प्राथमिकी में कहा है कि पिछले दो वर्षों के दौरान आरोपी शिक्षकों और चपरासी ने बार-बार उनकी बेटी का यौन शोषण किया। नाबालिग ने भी अपने बयान में इन आरोपों को दोहराया है।
एसपी ने आगे बताया कि लड़की के साथ आखिरी बार कथित तौर पर 16 जनवरी को स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला में दुष्कर्म किया गया था। इसके बाद उसने स्कूल जाना बंद कर दिया और इस बारे में अपनी मां को बताया। मां ने पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य से संपर्क किया था। प्रधानाचार्य ने उन्हें आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के भीतर आंतरिक जांच की जायेगी और आरोप सही पाये जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उस दरमियान पीड़िता के पिता शहर में नहीं थे।
जब पीड़िता के पिता दिल्ली से लौटे तो नाबालिग ने उन्हें इन घटनाओं की जानकारी दी। इसके बाद माता-पिता ने राज्य बाल हेल्पलाइन से संपर्क किया और 17 फरवरी को बाल कल्याण समिति के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्वागतिका परिदा के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने जांच के लिए पीड़िता के आवास और विद्यालय का दौरा किया।
मध्य क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डॉ सत्यजीत नायक ने कहा कि तत्काल फॉरेंसिक टीम बुलायी गयी और बिना देर के विद्यालय परिसर की जांच के निर्देश दिये गये। प्रोटोकॉल के अनुसार, पीड़िता को चिकित्सा परीक्षण और साक्ष्य संग्रह के लिए भेजा गया है। आईजी ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज किये जा रहे हैं। जल्द ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भी दर्ज कराया जाएगा।
त्वरित जांच और सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए इस मामले को त्वरित सुनवाई पहल (एसटीआई) के तहत लिया गया है। आईजी नायक ने कहा कि ओडिशा पुलिस मामले को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है। इस बीच, स्थानीय लोगों ने पुलिस से प्रधानाचार्य को गिरफ्तार करने की मांग की है, क्योंकि उन्होंने दोषी शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।



