सेना ने थार रेगिस्तान में हथियारों से ‘अग्नि वर्षा’ कर युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया

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नई दिल्ली/पोखरण। सेना की दक्षिणी कमान ने मंगलवार को राजस्थान की मरू भूमि स्थित पोखरण फायरिंग रेंज में ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास के दौरान समकालीन हथियारों और प्रौद्योगिकी के जरिये अपनी एकीकृत ताकत तथा मारक क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया। इस अभ्यास ने वास्तविक रणमाहौल में हथियारों के समन्वित इस्तेमाल, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता तथा नेटवर्क-सक्षम कमान एवं नियंत्रण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रमाणित किया।

थार रेगिस्तान के चुनौतीपूर्ण भूभाग में आयोजित इस एकीकृत फायर एवं मनूवर अभ्यास ने बहु-आयामी क्षेत्रों में निर्बाध रूप से कार्यरत यंत्रीकृत बलों की युद्धक प्रभावशीलता को रेखांकित किया। इस अभ्यास में 25 देशों से आए विदेशी रक्षा पत्रकारों ने प्रत्यक्ष देखा और सेना की संयुक्त हथियार संरचनाओं द्वारा प्रदर्शित गति, सटीकता और समन्वय के गवाह बने।

अग्नि वर्षा में समकालीन युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियों की विस्तृत श्रृंखला को शामिल किया गया था जिनमें मानव रहित हवाई प्रणालियां, ड्रोन रोधी प्रणाली, सटीक प्रहार रॉकेट, आधुनिक तोपखाना प्लेटफॉर्म तथा नेटवर्क आधारित निगरानी संसाधन शामिल थे।

अभ्यास में सेना के टी-90 मुख्य युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, के-9 वज्र स्वचालित होवित्जर, सारंग तथा बोफोर्स 155 एमएम हॉवित्जर तोप प्रणाली, रॉकेट प्लेटफॉर्म, स्वदेशी उन्नत हल्का हेलिकॉप्टर ध्रुव (हथियारों से लैस) हेलीकॉप्टर, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर तथा विभिन्न प्रकार के निगरानी और स्ट्राइक ड्रोन ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

यह अभ्यास भारतीय सेना के प्रौद्योगिकी समावेशन, स्वदेशीकरण और क्षमता विकास पर निरंतर बल को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप त्वरित, समन्वित और निर्णायक अभियानों के संचालन के लिए उसकी तत्परता की पुष्टि करता है।