कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हावड़ा जिले के पिलखाना रोड पर बुधवार तड़के एक युवक की नजदीक से कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में अशांति और तनाव फैल गया।
पुलिस के अनुसार, एक सीसीटीवी फुटेज में पीड़ित शौफीक खान (27) को गोलाबाड़ी थाने के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में दो लोगों से बात करते हुए देखा गया। बातचीत के दौरान श्री खान के पीछे खड़े हमलावरों में से एक ने हथियार निकाला और उसके सिर में बिल्कुल करीब से गोली मार दी। शौफीक के सड़क पर गिरने के बाद पहले हमलावर और उसके साथी ने कुछ और गोलियां चलाईं और फरार हो गए। सीसीटीवी में कुछ स्थानीय लोग इन हमलावरों के पीछे भागते हुए भी देखे गए।
हावड़ा पुलिस आयुक्त आकाश मघारिया ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पीड़ित और आरोपी हारून शेख एक संयुक्त व्यवसाय में शामिल थे। उनके बीच भुगतान को लेकर विवाद था। हम हत्या में शामिल लोगों की तलाश कर रहे हैं। पिलखाना रोड के निवासियों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी न होने पर आगामी विधानसभा चुनावों के बहिष्कार की धमकी दी है। उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम हो गया।
राज्य विधानसभा चुनाव से पहले सरेआम की गई इस निर्मम हत्या के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि हारून शेख तृणमूल कांग्रेस के हावड़ा उत्तर के विधायक गौतम चौधरी का करीबी था।
भाजपा ने विधायक का आरोपी के साथ एक वीडियो भी साझा किया। आरोपी के फेसबुक प्रोफाइल पर कई रील मिली हैं, जिनमें वह कथित तौर पर तृणमूल की रैलियों में भाग लेते और विधायक के साथ चलते हुए दिखाई दे रहा है। हत्या के एक अन्य आरोपी की पहचान रोहित के रूप में हुई है, जिसके हथियार तस्कर होने का संदेह है। वह कुछ साल पहले एक अन्य मामले में जेल जा चुका है।
जब विधायक गौतम चौधरी पीड़ित के परिवार के सदस्यों से मिलने गए, तो उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। विधायक ने कहा कि मैं एक जन प्रतिनिधि हूं। मुझे रोजाना हजारों लोगों से मिलना पड़ता है। यह पता लगाना संभव नहीं है कि कौन अपराधी है और कौन साफ-सुथरा। एक हत्या हुई है और पुलिस दोषियों को ढूंढ लेगी।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों के साथ एक बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इस बीच इस घटना को कवर कर रहे पत्रकार मयूख ठाकुर चक्रवर्ती पर भी मौके पर बेरहमी से हमला किया गया। बाद में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।



