नई दिल्ली। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को वायु सेना की पश्चिमी कमान के एक अग्रिम ऑपरेशनल बेस पर बहुउद्देशीय मिग-29 यूपीजी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।
वायु सेना प्रमुख ने करीब पौने घंटे की उड़ान के बाद अग्रिम बेसों पर संचालन तैयारियों, युद्धक क्षमताओं और मिशन तत्परता की भी समीक्षा की। वायु सेना के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह दौरा वायु सेना की अग्रिम परिचालन इकाइयों के साथ नेतृत्व के निरंतर जुड़ाव को भी दर्शाता है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट परविंदर सिंह ने इस फॉर्मेशन का नेतृत्व किया।
लैंडिंग से पहले फॉर्मेशन ने रनवे के ऊपर एक सटीक पील-ऑफ युद्धाभ्यास किया, जो स्क्वाड्रन के उच्च स्तर के प्रशिक्षण और सटीक उड़ान कौशल को दर्शाता है। बेस के वायु यौद्धाओं ने उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखी और दौरे के दौरान उड़ान से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने वायु सेना प्रमुख को स्क्वाड्रन की परिचालन भूमिका, मिग-29 यूपीजी प्लेटफॉर्म की उन्नत क्षमताओं और यूनिट की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी। यह स्क्वाड्रन 1963 में अपने गठन के बाद से सेवा के 63 वर्ष पूरे करने जा रहा है, जो देश के आकाश की रक्षा में इसकी लंबी और गौरवपूर्ण परंपरा को दर्शाता है।
वायु सेना प्रमुख ने एयरक्रू, तकनीशियनों और ग्राउंड स्टाफ से भी बातचीत की और लड़ाकू विमानों की निरंतर परिचालन क्षमता बनाए रखने में तकनीकी और सहायक कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की।
मिकोयान मिग-29 एक दो इंजन वाला चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे 1970 के दशक में तत्कालीन सोवियत संघ में विकसित किया गया था। इसे उन्नत पश्चिमी लड़ाकू विमानों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया था और यह अपनी उत्कृष्ट गतिशीलता, शक्तिशाली इंजन और कठिन युद्ध परिस्थितियों में प्रभावी संचालन की क्षमता के लिए जाना जाता है।
वायु सेना ने मिग-29 को 1980 के दशक के मध्य में अपने बेड़े में शामिल किया था और यह आज भी भारत की वायु रक्षा क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों के दौरान इस विमान में कई उन्नयन किए गए हैं, जिनमें एवियोनिक्स, रडार, हथियार प्रणालियाँ और हवाई ईंधन भरने की क्षमता शामिल हैं। इसके नौसैनिक संस्करण का उपयोग भारतीय नौसेना भी करती है।
यह लड़ाकू विमान मैक 2 से अधिक गति से उड सकता है और विभिन्न प्रकार की हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों तथा हवा-से-जमीन पर हथियारों से मार करने में सक्षम है, जिससे यह वायु-श्रेष्ठता और बहु-भूमिका युद्ध अभियानों दोनों को अंजाम दे सकता है।



