चित्तौड़गढ़ दुर्ग नहीं, भारत की अस्मिता का प्रतीक है : योगी आदित्यनाथ

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चित्तौड़गढ़। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि चित्तौड़गढ़ का दुर्ग केवल पत्थरों का नहीं है, बल्कि यह भारत की अस्मिता का प्रतीक है, जो हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

योगी रविवार को राजस्थान में चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर स्मृति समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए वह जो भी कार्य कर रहे हैं, वह इसी वीर वीरांगनाओं की भूमि चित्तौड़गढ़ की धरती से मिली प्रेरणा से कर पा रहे हैं।

योगी ने कहा कि मेरे दादा गुरु की जन्मभूमि भी यही धरती है। यह धरती और यह दुर्ग भारतीय नारी के शौर्य, अस्मिता एवं सम्मान का प्रतीक है, जो महारानी पदमिनी ने हमें विरासत में सौंपी है।

उन्होंने कहा कि महाराजा रतनसिंह, गोरा और बादल जब मुगल आक्रांता अलाउद्दीन खिलजी से लड़ते हुए राष्ट्र एवं धर्म रक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हो गए थे तो महारानी पदमिनी ने अपनी अस्मिता के लिए हजारों नारियों के साथ जौहर कर लिया था, जिसे अब हम इस संकल्प के साथ याद करते हैं, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं कि हमारी बहन बेटियों को मुगलों के उस काल के संकट का हमें फिर सामना न करना पड़े।

योगी ने कहा कि हमें इनसे संकल्प लेना है कि हर भारतीय नारी को सुरक्षा और स्वावलम्बन की गारंटी मिले। योगी ने अपने करीब 40 मिनट के भाषण में महाराणा कुम्भा, सांगा, प्रताप, शिवाजी, गुरु गोविंदसिंह, लक्ष्मीबाई से लेकर स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर, भगतसिंह, आजाद, बिस्मिल, सुभाष चंद्र बोस एवं विवेकानंद तक का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग सत्ता या साम्राज्य के लिए नहीं बल्कि धर्म एवं राष्ट्र रक्षा के लिए लडे और अपना सब कुछ त्याग दिया।

इससे पहले योगी ने दुर्ग स्थित जौहर स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कालिका माता के दर्शन भी किए। समारोह को केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत एवं स्थानीय विधायक चंद्रभानसिंह के अलावा कई राजनीतिक अतिथियों ने सम्बोधित किया।