अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के गोविन्दगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को साइबर ठगी के वांछित आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस पर आरोपियों ने हमला करके एक एएसआई को बंधक बनाकर उससे मारपीट करने के मामले में 25 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
डीग जिले के नगर थाने में सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) रामनिवास ने मामला दर्ज कराया है। इसके अनुसार साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने पुलिस दल सेमला खुर्द गांव में गया था।
पुलिस दल ने दोनों आरोपियों को पकड़ भी लिया था, लेकिन इसी दौरान उनके परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। भीड़ ने एएसआई रामनिवास को घर के अंदर घेर कर बंधक बना लिया और लाठियों से मारपीट की। इस हमले में उनका सिर में गहरी चोट आई। उनका मोबाइल भी छीन लिया गया।
पुलिस ने बताया कि बाहर मौजूद कांस्टेबल ने किसी तरह नगर थाने में सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस को घर के अंदर जाने से रोक दिया। इसी दौरान आरोपी मकान की दीवार फांदकर खेतों के रास्ते फरार हो गए।
बाद में पुलिस ने घायल एएसआई को बाहर निकाला। पुलिस ने इस मामले में एएसआई रामनिवास की शिकायत पर नौ नामजद सहित तस्लीम, साबिर, इरशाद, मुस्ताक, अतर्वी, मजीद, मुबीना, शबनम, तंजीम सहित 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के घर रविवार को रोजेदारों के लिए इफ्तार पार्टी की तैयारी चल रही थी और घर में सामान बिखरा हुआ मिला। पुलिस ने मौके से करीब 45 किलो मांस बरामद किया है। संध्या काल होने के कारण उसकी जांच नहीं हो सकी, इसलिए चिकित्सक की मौजूदगी में मांस को जब्त कर लिया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह किस पशु का मांस है।
उल्लेखनीय है कि करीब छह महीने पहले भी नगर पुलिस साइबर ठगी के आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने के लिए गांव आई थी, तब भी पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई थी। इससे पहले भी सेमला खुर्द में एक थानाधिकारी को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाने की घटना सामने आ चुकी है। इसी कारण यह गांव पुलिस के साथ टकराव की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है।



