वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि एक चमत्कारी खोज एवं बचाव अभियान में अमरीका ने ईरान के अंदरूनी इलाके से से एफ-15 लड़ाकू विमान के दोनों लापता पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि हमने उसे बचा लिया! मेरे अमरीकी साथियों, पायलट अब पूरी तरह सुरक्षित है। उसे चोटें आई हैं, लेकिन वह जल्द ठीक हो जाएगा।
ईरान ने शुक्रवार को एक अमरीकी एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। अमरीका ने एक पायलट को पहले ही बचा लिया था, जबकि दूसरे की तलाश जारी थी। ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने रविवार को दावा किया कि अमरीका के बचाव प्रयास को निष्फल कर दिया गया।
खतम अल-अंबिया केन्द्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने इस्फहान क्षेत्र में एक समन्वित कार्रवाई में अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया। प्रवक्ता ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति इस घटना को कमतर दिखाने के लिए विशेष अभियान के सफल होने का दावा कर रहे हैं।
इस बीच, ईरान ने लापता अमरीकी पायलट की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया और उसकी सूचना देने पर 60,000 डॉलर का इनाम घोषित किया था। खोज के लिए सेना के साथ स्थानीय जनजातीय समूहों को भी लगाया गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले किसी अमेरिकी युद्धक विमान को दुश्मन की गोलीबारी में 2003 में इराक युद्ध के दौरान ए-10 थंडरबोल्ट-2 के रूप में मार गिराया गया था।
ट्रंप ने कहा कि यह चमत्कारी अभियान पिछले दिन एक अन्य पायलट को सफलतापूर्वक बचाए जाने के अतिरिक्त है। उन्होंने बताया कि दूसरे पायलट के बचाव की जानकारी पहले इसलिए सार्वजनिक नहीं की गई, ताकि दूसरे अभियान पर कोई असर न पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले कई घंटों में अमरीकी सेना ने हमारे एक बहादुर अधिकारी एक सम्मानित कर्नल को बचाने के लिए अपने इतिहास के सबसे साहसिक अभियानों में से एक को अंजाम दिया।
ट्रंप के अनुसार पायलट ईरान के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में दुश्मन के इलाके के भीतर था और लगातार खतरे में था। उन्होंने कहा कि पायलट कभी अकेला नहीं था, क्योंकि उसके कमांडर-इन-चीफ, रक्षा नेतृत्व और सैन्य अधिकारी 24 घंटे उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए थे और उसके बचाव की योजना बना रहे थे।
अमरीकी सेना ने इस अभियान के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस कई विमान भेजे। ट्रंप ने दावा किया कि यह पहली बार है जब अमरीकी सैन्य इतिहास में दुश्मन क्षेत्र के भीतर से दो पायलटों को अलग-अलग समय पर सफलतापूर्वक बचाया गया है। उन्होंने कहा कि हम कभी किसी अमरीकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ते।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन अभियानों में एक भी अमरीकी सैनिक हताहत या घायल नहीं हुआ और इससे यह सिद्ध होता है कि ईरानी हवाई क्षेत्र में अमरीका ने संपूर्ण श्रेष्ठता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा क्षण है जिस पर सभी अमरीकियों को एकजुट होकर गर्व करना चाहिए। उन्होंने अमरीकी सेना को दुनिया की सबसे सक्षम और शक्तिशाली सेना बताया।



