विपक्ष की अनुपस्थिति में भगवंत मान सरकार ने हासिल किया विश्वास मत

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चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष की अनुपस्थिति में भगवंत सिंह मान सरकार के पक्ष में विश्वास मत प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया। विश्वास मत हासिल करने के साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें विफल हो गई हैं।

विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में आम आदमी पार्टी के 94 में से 88 विधायकों ने मत दिए। चार विधायक अनुपस्थित रहे जबकि दो विधायक जेल में हैं। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों आज के इस एक दिवसीय विशेष सत्र का बहिष्कार किया और वे पार्टी कार्यालय के निकट अपने दल की ओर से आयोजित ‘जनता दी विधानसभा’ में शामिल हुए। कांग्रेस और अकाली दल के सदस्यों ने विश्वास मत प्रस्ताव के पारित होने से पहले सदन से बहिर्गमन किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने विश्वासमत पेश करते हुए कहा कि यह जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है और आम आदमी पार्टी को 2027 में इससे भी बड़ा समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी खून-पसीने से खड़ी की गई है और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है, लेकिन पंजाब की जनता मजबूती से सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को जनता कोई महत्व नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह बिखरा हुआ है और उसके नेता आपस में सत्ता के लिए लड़ रहे हैं।

उन्होंने किसी का नाम नहीं लेते हुए तंज कसा और कहा कि विपक्ष के नेता और उनके भाई एक ही घर में रहते हैं लेकिन अलग-अलग दलों के झंडे लगे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बात को पचा नहीं पा रहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026 पारित हो चुका है, जिससे उनकी विभाजनकारी राजनीति खत्म होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी गुजरात से लेकर पूरे देश में फैल चुकी है। जम्मू से गोवा तक पार्टी की मौजूदगी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों की नींद उड़ाये हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के विपरीत आम आदमी पार्टी को तोड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि यह राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने के उद्देश्य से बनी है। कुछ अवसरवादी नेताओं के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

मान ने कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां लोकतांत्रिक मर्यादाएं खतरे में हैं और संविधान की भावना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर का अपमान है।

भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसके पास अपना कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने कहा कि उसके 240 सांसदों में से 125 कांग्रेस से आये हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि उसका अपना आधार कमजोर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता दल बदलकर गये हैं, उन्होंने जनता और जनादेश के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने घोषणा की कि वह राष्ट्रपति से मिलकर ऐसे जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने योग्य कानून में संशोधन की मांग करेंगे।

विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार एक मई से किसानों के हित में नहरों का पानी छोड़ा गया है। धान की फसल से पहले 4,000 किलोमीटर नयी पानी की नालियां और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइन चालू की गयी हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था की जांच और कमियां दूर करने के लिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी दो भाखड़ा नहरों के बराबर है और किसानों को बड़ा लाभ देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भूजल स्तर रिचार्ज होगा और आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलेगा। नहरों और नदियों में बनाए गए रिचार्ज बिंदुओं से जल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब का भविष्य पानी पर निर्भर है और यह ऐतिहासिक पहल कृषि क्षेत्र को मजबूत करने तथा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए की गई है।