विवादास्पद घमूडवाली थाना प्रभारी को हटाया गया, 27 दिनों का धरना समाप्त

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श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के घमूडवाली थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेंद्र चारण को उनके पद से हटा दिया गया है।

गत 10 अप्रैल से थाने के सामने लगातार धरना दे रहे परिवादियों और स्थानीय लोगों की मांग को मानते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने यह कार्रवाई की।

राजेंद्र चारण अब कोई नया पदभार नहीं संभालेंगे और उन्हें रिजर्व पुलिस लाइन में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार जिले में सात अन्य पुलिस निरीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं।

इसके तहत श्रीकरणपुर थाना प्रभारी रजीराम और हिंदूमलकोट थाना की प्रभारी हेमलता वर्मा को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक रमेशकुमार न्यौल को पुरानी आबादी थाना का प्रभारी बनाया गया है जबकि पुरानी आबादी थाना की प्रभारी सीरकौर अब श्रीकरणपुर थाना की प्रभारी होंगी। राजियासर थाना प्रभारी कलावती चौधरी को महिला थाना में पदस्थापित किया गया है। उनकी जगह चंद्रभान को राजियासर थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

सूत्रों ने बताया कि राजेंद्र चारण के हटाए जाने के बाद घमूडवाली थाना के सामने 27 दिनों से चल रहा धरना आज पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया। सीआई राजेंद्र चारण पर परिवादियों और आम जनता के साथ बदसलूकी, किसान टीकूराम खिलेरी से हुई ठगी में संलिप्तता, बरामद की गई करीब 15 लाख रुपए की राशि हड़पने और जबरन दुकानें बंद कराने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। ठगी मामले में हेड कांस्टेबल महेंद्रकुमार को पहले ही निलिम्बत किया जा चुका है। इस मामले सहित दो अलग मामलों की जांच पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीआई सूरतगढ़ द्वारा की जा रही है।

वामपंथी नेता रविंद्र तरखान ने कहा कि पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने जनता की भावनाओं को समझते हुए बेहद सराहनीय कार्रवाई की है। इससे टीकूराम खिलेरी और कालूराम के साथ न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। उन्होंने धरना समाप्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को भी तुरंत हटाने की मांग की है।