सिरोही में स्थाई लोक अदालत से हटे थे जो स्पीड ब्रेकर अब पिंडवाड़ा में फिर तोड़ेंगे कमर और वाहन 

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पिंडवाड़ा में लगाए गए फाइबर के स्पीड ब्रेकर।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने आरोप लगाया था कि नगर निकायों में जनता के चुने प्रतिनिधियों की जगह प्रशासकों के भरोसे छोड़ने से अव्यवस्थाएं और बढ़ गई हैं। अधिकारी शहरी जनता की तकलीफों को दरकिनार करके निर्णय ले रहे हैं। पिंडवाड़ा में प्रशासक काल में पिंडवाड़ा नगर पालिका में फिर से ये नजर आया।

देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के साथ ही उच्चतम न्यायालय ने भी बिना मापदंड के बेतरतीब बने स्पीड ब्रेकर को हटाने के आदेश दिए हुए हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय में जोधपुर में बदहाल ट्रैफ़िक व्यवस्था पर लिए स्वतः प्रसंज्ञान लेकर 2013 में बेतरतीब स्पीड ब्रेकर्स को हादसों का कारण माना गया था। करीब 8-9 साल पहले सिरोही में जिला कलेक्टर के बंगले के बाहर उनके ड्राइवर का एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद रातों रात को घर के सामने स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। रात को अंधेरे के कारण अचानक स्पीड ब्रेकर आने से दोपहिया वाहन उछला तो इससे वाहनचालक की रीढ़ की हड्डी पर चोट आई। इसके बाद स्थायी लोक अदालत में परिवाद दर्ज करवाया गया।

स्थाई लोक अदालत ने निर्णय देते हुए करीब सात-आठ साल पहले जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला यातायात अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को स्थाई लोक अदालत ने सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में बिना मापदंड के बेतरतीबी से बनाए गए फाइबर, सीमेंट और डामर के स्पीड ब्रेकर्स को हटाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद जिला कलेक्टर समेत जितने भी सरकारी अधिकारियों के बंगले के सामने और शहर के अन्य स्थानों पर बेतरतीब ब्रेकर बनाए गए थे उन्हें हटाया गया।

इंडियन रोड कांग्रेस के द्वारा तय किया गया स्पीड ब्रेकर का मापदंड।

– आईआरसी के नियमो के विपरीत ये स्पीड ब्रेकर

पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में पालिका ने बिना मापदंड वाले फाइबर के स्पीड ब्रेकर लगा दिए है।ये स्पीड ब्रेकर इंडियन रोड कांग्रेस के मापदंडों के अनुरूप नहीं होने के कारण पूर्व में कई उच्च न्यायालयों ने इन्हें कई स्थानो से हटवाया भी है। स्पीड ब्रेकर्स को लेकर इंडियन रोड कांग्रेस ने उसकी डिजाइन और उन्हें लगाने के स्थानों के मापदंड तय कर दिए हैं। पिण्डवाडा में जो स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं वो सभी इन मापदंडों पर किसी तरह से खरा नहीं उतरते हैं। बिना मापदंड के लगे ये ब्रेकर देर अब फिर से उखाड़े जायेंगे। लेकिन, इससे पहले प्रशासक या आयुक्त या दोनों इसका पेमेंट कर चुके होंगे और चूना लगेगा जनता को।

इंडियन रोड कांग्रेस के अनुसार स्पीड ब्रेकर के पहले लगाया जाने वाला चेतावनी बोर्ड।

– ये है मापदंड

इंडियन रोड कांग्रेस ने स्पीड ब्रेकर के लिए मापदंड बना रखे हैं जिससे वाहन और उस पर सवार दोनों को नुकसान नहीं पहुँचे। बिना मापदंड के ये स्पीड ब्रेकर वाहनों के शौकर और इंसान के रीड की हड्डी को बर्बाद कर देंगे। इंडियन रोड कांग्रेस के अनुसार स्पीड ब्रेकर्स नेशलन हाइवे और स्टेट हाइवे के टी जंक्शन पर, डी टाइप मोड़ के दोनों तरफ, शहरी क्षेत्र में भी वहां जहां ट्रैफिक पुलिस ये मानती है कि यहां वाहन की रफ्तार वांछित सीमा से ज्यादा है वहां, इसके अलावा स्कूल और चिकित्सालय के पहले इन्हें लगा सकते हैं। इन हम्पस यानि स्पीड ब्रेकर्स की बनावट ऐसी होनी चाहिए जो वाहन और वाहन चालक दोनों को नुकसान नहीं पहुंचाये।

आईआरसी के अनुसार आदर्श स्पीड बेकर के बेस की चौड़ाई 3.7 मीटर यानि कि करीब 11 फीट होनी चाहिए। रेडियस 17 मीटर और ऊंचाई 10 सेंटीमीटर होनी चाहिए। दो स्पीड ब्रेकर के बीच 40 मीटर की दूरी होनी चाहिए। वहीं स्पीड ब्रेकर की जगह से 40 मीटर पहले लेफ्ट साइड में स्पीड ब्रेकर का चेतावनी बोर्ड लगा होना चाहिए। ब्रेकर्स पर सफेद रिफ्लैक्टेड कोटिंग होनी चाहिए जिससे ये रात को भी चमक सकें। लेकिन पिंडवाड़ा में ऐसा कुछ किया हु नजर नही आ रहा है। बिना ट्रैफिक पुलिस और जिला यातायात समिति की संस्तुति के जगह-जगह बिना मापदंड वाले फाइबर के स्पीड ब्रेकर लगा दिए गए हैं। अब ये ब्रेकर वाहनों और वाहन चालकों दोनों को ब्रेक क

रेंगे।