
सबगुरु न्यूज सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने प्रदेश के चार अधिकारियों को विधिक नोटिस भेजा है। इनमें दो आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। ये नोटिस प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर भेजा गया है जिसमें राजस्थान उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई को नगर पालिका के चुनाव करवाने आदेश दिए थे।
संयम लोढ़ा ने राजस्थान इलेक्शन कमिश्नर राजेश्वर सिंह, राजस्थान चुनाव आयोग के सचिव राजेश वर्मा, राजस्थान पंचायती राज आयुक्त डॉ जोगाराम और स्वायत्तशासन विभाग के निदेशक और विशेष सचिव जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर को नोटिस जारी किया। अवमानना याचिका दायर करने से पहले न्याय की मांग को लेकर भेजे इस नोटिस में संयम लोढ़ा ने बताया कि 25 जून 2026 को जारी आदेश के बाद उक्त अधिकारियों के द्वारा किए गए पत्राचार से प्रतीत होता है कि वे उच्च न्यायालय के आदेशो की अवमानना कर रहे है।
इन अधिकारियों को 1,15,16 व 23 जून को लिखे गए पत्रों के जवाब को आधार बनाते हुए लोढ़ा ये बताया कि ये अधिकारी राजस्थान उच्च न्यायालय में उक्त अधिकारियों के द्वारा दी गई दलीलों को खारिज करने के बाद भी पत्राचार में उसी आधार पर चुनावों को टालने का प्रयास करके न्यायालय के आदेशो की अवमानना कर रहे हैं।
संयम लोढ़ा ने नोटिस में बताया कि न्यायालय ने कह दिया था कि ओबीसी आयोग को रिपोर्ट की दलील देते हुए पंचायत चुनावो को टाला नहीं जा सकता। न्यायालय ने चुनाव टालने लिए मौसम की स्थिति की दलील को भी नकार दिया था। नोटिस में बताया कि न्यायालय ने। माना था कि पंचायतों के डिलिमिटेशन का प्रोसेस पहले ही पूरा हो चुका था और वोटर लिस्ट भी पब्लिश हो चुकी थीं, इसलिए पंचायतों के चुनाव कराने में कोई मुश्किल नहीं थी। न्यायालय ने शहरी निकायों के डिलिमिटेशन से जुड़े मुद्दे के सुलझ जाने से स्थानीय निकाय चुनाव करवाने के कदम उठाने के भी निर्देश दिए थे। नोटिस में ये भी लिख कि न्यायालय ने राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के ढीले-ढाले रवैये को चुनाव कराने में रुकावट नहीं बनने देने की मंशा पर अडिग रहते हुए राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं समेत सभी लोकल बॉडीज़ का चुनाव प्रोसेस 31.07.2026 तक पूरा कर ले।
नोटिस में बताया कि न्यायालय ने शहरी स्थानीय निकायों के वार्डों के सीमांकन और मतदाता सूचियों के संशोधन से संबंधित अभ्यास 20.06.2026 को या उससे पहले पूरा कर लेने के निर्देश देते हुए इसकी देरी के लिए जाए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होने की बात कही थी। 25 जून 2026 के निर्णय में पंचायत राज और स्थानीय निकाय चुनावों को करवाने के लिए बाध्यकारी आदेश दिया था।
संयम लोढ़ा ने अपने नोटिस में बताया कि उक्त अधिकारियों को उनके द्वारा 1जून, 15 जून 16 जून और 23 जून को लिखे आधिकारिक पत्रों के जवाब से ये प्रतीत होता है कि अधिकारी उन्हीं दलीलों के आधार पर चुनाव टालने की मंशा रखते हैं जिन्हें न्यायालय ने खारिज कर दिया था। लोढ़ा ने अपने नोटिस में इस व्यवहार को न्यायालय की अवमानना को श्रेणी में मानते हुए नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई करने को मजबूर होने की मंशा से उन्हें अवगत करवाया।


