मुंबई। पेट्रोलियम क्षेत्र के महारत्न सरकारी उपक्रम हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने स्वस्थ पैकेजिंग को लेकर प्रतिबद्धता मज़बूत करते हुए 2025-26 में 12 हजार टन प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया है और उत्पाद के विस्तारित दायित्व (ईपीआर) की शर्तों को शत प्रतिशत पूरा किया है।
कंपनी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि वह चक्रीय अर्थव्यवस्था, संसाधनों के ज़िम्मेदार इस्तेमाल और नये प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने के लिए नये समाधानों पर ध्यान रही है। कंपनी का कहना है कि वह एचपी लुब्रिकेंट्स के ज़रिए, कंपनी अपने पैकेजिंग पोर्टफोलियो में पीसीआर मैटीरियल यानी ग्राहक के इस्तेमाल के बाद बचे पैकेजिंग अपशिष्ट के पुनर्चक्रण से तैयार सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है और साथ ईपीआर की ज़रूरी शर्तों को भी पूरा कर रही है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि एचपी लुब्रिकेंट्स में, पैकेजिंग से पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अपने लुब्रिकेंट पोर्टफोलियो में, एचपीसीएल ने प्लास्टिक पैकेजिंग में 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक पीसीआर सामग्रीमटीरियल का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है, जिससे वर्जिन प्लास्टिक पर निर्भरता कम हुई है और सर्कुलर इकोनॉमी के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मज़बूत हुई है। इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए,एचपी रेसर ग्रीनअब पूरी तरह उसकी पीसीआर सामग्री से तैयार पैकेजिंग सामग्री में पैक किया जाता है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने यह भी कहा है कि वह 100 प्रतिशत रीसाइकल होने वाले टिन पैक बनाकर स्वस्थ पैकेजिंग को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है। इससे पैकिंग की मजबूती और काम से कोई समझौता किए बिना संसाधनों के ज़िम्मेदार इस्तेमाल, वज़न और कचरे में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मज़बूत होती है। विज्ञप्ति में कहा गया हैक मिशन लाइफ के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप, यह पहल एचपीसीएल की पैकेजिंग सामग्री में पुनर्चक्रित सामाग्री को शामिल करने पर उसके विशेष प्रयास को दर्शाती है।



