नई दिल्ली। रेलवे की सभी विभागयी परीक्षाएं अब सीबीटी यानी सीबीटी यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा माध्यम से होंगी और टैबलेट-आधारित टेस्टिंग (टीबीटी) का दायरा बढ़ाया जाएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक बनाने और तकनीक आधारित प्रणाली लागू करने पर बल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को यहां भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आरआरबी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय परीक्षाओं को सीबीटी यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा के ज़रिए कराने तथा टैबलेट-आधारित टेस्टिंग (टीबीटी) का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया।
रेलवे ने बताया कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में छह श्रेणियों में 47,084 रिक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी करते हुए 43,781 उम्मीदवारों का चयन किया। इनमें सहायक लोको पायलट के लिए 18,799, टेक्नीशियन के लिए 14,298, उप-निरीक्षक के लिए 452, कॉन्स्टेबल के लिए 4,208, कनिष्ठ अभियंता के लिए 7,951 और अर्ध चिकित्सकीय श्रेणी के लिए 1,376 रिक्तियां शामिल हैं।
रेलवे ने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार और समय पर भर्ती की पहल के ज़रिए अपने श्रम बल को मज़बूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और उन्नत तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ संगठन का लक्ष्य अलग-अलग श्रेणी में प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना और उन्हें शामिल करना है।
रेलवे के अनुसार रेलवे भर्ती बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया काफ़ी जटिल और बड़े पैमाने पर होती है, जिसमें देश भर के कई शहरों और केंद्रों में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए ये कंप्यूटर-आधारित परीक्षाएं कई शिफ्ट में आयोजित की जाती हैं और अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं। इस मल्टी-सिटी, मल्टी-शिफ्ट और मल्टी-लिंगुअल (कई शहरों, कई शिफ्टों और कई भाषाओं वाले) सिस्टम में पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता, मानकीकरण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर तालमेल और मज़बूत टेक्नोलॉजी सिस्टम की ज़रूरत है।
बैठक के दौरान वैष्णव ने कहा कि सालाना भर्ती कैलेंडर और रिक्तियों की तिमाही सूचनाओं को उम्मीदवारों ने काफी पसंद किया है। उन्होंने कहा कि कैलेंडर-आधारित भर्ती प्रक्रिया से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिली है। इससे भर्ती प्रक्रिया में ज़्यादा निश्चितता आती है। लगातार सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे भर्ती प्रणाली को टेक्नोलॉजी, तेज़ प्रक्रियाओं और ज़्यादा जवाबदेही के इस्तेमाल से लगातार बेहतर होते रहना चाहिए।
उन्होंने विभागीय परीक्षाओं को सीबीटी मोड में बदलने की प्रगति की भी समीक्षा की और ज़ोर दिया कि जहाँ भी संभव हो, ज़्यादा से ज़्यादा टैबलेट-आधारित परीक्षाएँ शुरू की जानी चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया तेज़, ज़्यादा कुशल और यूज़र-फ्रेंडली बन सके।
रेल मंत्री ने रेलवे भर्ती बोर्डों को उम्मीदवारों और हितधारकों के साथ बातचीत मज़बूत करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी का तुरंत सही जानकारी से जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों को सही अपडेट मिलें और भर्ती प्रक्रिया में उनका भरोसा बना रहे।



