भाजपा के विरोध के बाद पलटे कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, मांगी माफी

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देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप कांग्रेस के अपने पंज प्यारे बयान से पलट गए। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी नेता आरपी सिंह के विरोध करने के बाद देहरादून में धीरेंद्र प्रताप ने पार्टी दफ्तर में आए एक सिक्ख कार्यकर्ता से मुलाकात की और अपने बयान का खंडन किया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के जिन पंज प्यारों का नाम लिया था, उनमें हरीश रावत, गणेश गोदियाल, करण माहरा, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत का नाम लिए थे। गलती से उसमे उनसे यशपाल आर्य का नाम छूट गया था, जिसको जोड़कर कांग्रेस के 6 प्यारे मिलकर राज्य से सत्तारूढ पार्टी को सत्ता से बेदखल कर देंगे।

धीरेंद्र प्रताप ने अपने पंच प्यारे वाले बयान पर पंजाब और देश के अन्य कुछ हिस्सों में प्रतिक्रिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बयान केवल उत्तराखंड के कांग्रेस नेताओं को व उनके योगदान को महिमामंडित करना था, ना की सिख धर्म के जो महान पंज प्यारे इतिहास में हैं, उनके बराबर उनको आकना।

उन्होंने कहा कि सिख धर्म के सभी धर्मगुरु जिनमें महान पंज प्यारे भी शामिल है और महान गुरु गोविंद सिंह, महान गुरु नानक देव, गुरु तेग बहादुर, गुरु राम सिंह और जो भी सिख धर्म के गुरु हैं, उनके प्रति उनके मन में बहुत आदर है और वह सपने में भी इन गुरुओं के अपमान और गुरुओं के अनावश्यक उल्लेख की सपने में भी कल्पना नहीं कर सकते।

उन्होंने सफाई देते हुए अपने बयान पर कहां कि अगर उनके बयान से किसी भी वर्ग, धर्म, संस्था या पार्टी को दुख पहुंचा है तो इसके लिए वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगते है और कहना चाहते हैं कि सपने में भी किसी धर्म या आस्था को जरा भी चोट पहुंचाने का सपने में भी नहीं सोच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई भी दंड भी सहने के लिए तैयार है।