सड़क से सदन तक भाजपा को यूं घेरेगी सिरोही कांग्रेस

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सिरोही नगर मंडल की बैठक में किया निर्णय।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। हिंदुत्व और गुड व ट्रांसपेरेंट गवर्नेंस के जिस मुद्दे को कभी भाजपा अपनी मजबूती मानती थी सिरोही में इन्हीं मुद्दों पर पिछले ढ़ाई सालों में हुई अनियमितता को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को ओले एक महीने में घेरने की तैयारी कर ली है। सिरोही नगर कांग्रेस की डाकबंगले में रविवार को हुई बैठक में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कार्यकताओं और पदाधिकारियों के समक्ष पूरी रूपरेखा पर चर्चा की।

पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार और सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इस बैठक में कांग्रेस के इरादे स्पष्ट करते हुए कहा कि रामझरोखा, गुलाब नगर, हिंदू श्मशान भूमि, शिवगंज चुंगी नाका, सिरोही बायपास समेत सभी प्रमुख मुद्दों को सिरोही की सड़कों से लेकर विधानसभा के पटल तक उठाएगी। लोढ़ा ने कहा कि सिरोही की सड़कों पर इन मुद्दों को लेकर आंदोलन किए जाएंगे तो विधानसभा में कांग्रेस के जन प्रतिनिधि इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगे। उन्होंने कहा कि सिरोही के निकम्मे प्रशासन ने पिछले चार महीनों से मुख्यमंत्री कार्यालय से आई हुई रामझरोखे की जांच को लंबित किया हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि किस मंत्री के कहने पर जिला प्रशासन के द्वारा मंदिर को जमीन को खुर्द बुर्द करने के लिए भू माफियाओ को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी वसीयत के माध्यम से रामझरोखा मंदिर की भूमि के पट्टे बनाकर बेच दिए गए।

लोढ़ा ने कहा कि इस शासन में सिर्फ हिंदू मंदिर ही नहीं मृत्यु के बाद हिंदुओं में अंतिम संस्कार के बाद की परम्पराओं के लिए इस्तेमाल की जाने वाली श्मशान की भूमि को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि धर्म की राजनीति से सत्ता के रथ पर सवार हुए सिरोही भाजपा के नेताओं ने सत्ता मद में हिंदू श्मशान की भूमि को भी अपने मूल संगठन के नाम से पट्टे जारी करवा दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध पट्टो के मामले में यहां के नेताओ की सरपरस्ती में बैठे अधिकारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने गुलाब नगर की भूमि पर भी 69 ए के पट्टे जारी कर दिए। इस भूमि का प्रकरण भी जांच के लिए आया हुआ है।

सत्ता मद में जनता के धन को लूटने का सबसे बड़े खेल को उजागर करते हुए लोढ़ा ने आरोप लगाया कि सिरोही के बाईपास का मुद्दा जनहित से ज्यादा स्वहित साधने का है। उन्होंने कहा कि सिरोही शहर के अंदर से बायपास निकालने की साजिश की जा रही है। ये अदूरदर्शी योजना सिरोही वासियों के लिए भी जानलेवा साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसमें सिरोही के मास्टर प्लान की अनदेखी करके भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं और भू माफिया को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी लगाई गई है।

उन्होने कहा कि होटल मालिक को फायदा पहुंचाने के लिए शिवगंज के चुंगी नाके को रातों रात तुड़वाने का मामला इस राज में भ्रष्टाचार की इमारत में एक और ईंट है। सत्ता का दुरुपयोग करते हुए निजी व्यक्ति के हित साधने के लिए अधिकारियों ने शिवगंज में चुंगी नाका तुड़वा दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का ढांचा बिगाड़ने में भी इस सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। लोढ़ा ने कहा कि सिरोही के विद्यालयों में शिक्षकों की जबरदस्त कमी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सिरोही के बच्चों के हितों को दरकिनार करके अपने राजनीतिक हित साधे और बिना वैकल्पिक व्यवस्थाओं के शिक्षकों को जिले से बाहर जाने दिया। जिससे जिले के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है और उन्हें अपने उज्जवल भविष्य के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर भाजपा की कमियों को उजागर करने के लिए कार्यकर्ताओं को सिरोही की सड़कों पर उतरने के लिए कमर कस लेनी है।

 

जिला प्रभारी अंजना मेघवाल ने कहा कि आगामी निकाय और पंचायत समिति चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को कमर किस लेनी है। उन्होंने वार्डों में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए कांग्रेस की नीति और भाजपा राज में फैली अनीति से सबको अवगत करवाना होगा। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर भी सक्रिय भूमिका निभाते है मतदाता सूचियों को लेकर सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि जीत का रास्ता जनता के लिए किए गए संघर्ष से ही जाता है।

नगर कांग्रेस के अध्यक्ष पुनित जैन ने संगठन के द्वारा उन पर विश्वास जताने को लेकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है उस पर खरा उतरते हुए कार्यकर्ताओं के साथ हर सहयोग को वो संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आगामी निकाय चुनावों को लेकर हमें दिन रात एक करके मेहनत करनी होगी और सत्ता पक्ष की खामियों को जनता के बीच ले जाना होगा।

सी बैठक में निवर्तमान सभापति महेंद्र मेवाडा, जितेंद्र सिंघी, हेमलता शर्मा, किशोर पुरोहित, दशरथ नरुका, ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण रावल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश मीना, प्रकाश प्रजापति, कांतिलाल खत्री, रेणुलता व्यास, मारूफ हुसैन, प्रवीण जटोलिया, प्रवीण नाडोला, आनंद आर्य, प्रकाश मेघवाल, राजेन्द्र राणा, मनोज पुरोहित, वनेपाल सिंह, अनिल प्रजापत, ज्योति तोलनी, शैतान मेघवाल, गोपी मेघवाल, उत्तम कुमार, भरत धवल, तेजाराम वाघेला, भंवर सिंह, महेंद्र चौहान, दिनेश पुरोहित, नारायण मेघवाल, दिनेश माली, कैलाश नामा, धनराज माली, नारायण सुथार, पुनीत अग्रवाल, श्रवण माली, यूसुफ मंसूरी, नैनाराम माली, हरिओम दत्ता, वनराम देवासी, विनोद देवड़ा, सुधांशु गौड़, जितेंद्र एरन, नरपत सिंह, देवराज टांक, शैतान सिंह, पदम सिंह, सुंदर माली, फिरोज पठान, जब्बर सिंह, सूरज कुंवर, जयन्ती माली, प्रागराम मेघवाल समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।