श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट

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श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र पिछले लंबे समय से भारत-पाकिस्तान तस्करों का पसंदीदा स्थल बना हुआ है। यहां पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराये जाने वाले हेरोइन और हथियारों के पैकेटों को स्थानीय संपर्कों के जरिए पंजाब के तस्कर उठाते रहे हैं। अब इस पूरे नेटवर्क का एक और बड़ा हिस्सा सामने आया है।

खुफिया पुलिस श्रीगंगानगर के दल ने समेजा कोठी थाना क्षेत्र के बरूवाला गांव के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके रायसिंहनगर पुलिस के हवाले कर दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रणजीत सिंह (28), विकासदीप उर्फ विक्की (26) और सुखविंदर सिंह उर्फ छिदासिंह उर्फ टहल सिंह (22) शामिल हैं। ये तीनों पाकिस्तानी तस्करों के साथ मिलकर ड्रोन से हेरोइन और हथियार मंगवाने के नेटवर्क में सक्रिय थे।

रायसिंहनगर पुलिस इस वर्ष 18 अप्रैल को समेजा कोठी थाना क्षेत्र के चक 4-बीडब्ल्यूएसएम में किसान आत्माराम के खेत में मिले करीब 760 ग्राम हेरोइन के पैकेट के मामले की जांच कर रही थी। इस मामले की जांच सीआईडी (जॉन) को भी शामिल किया गया। करीब दो महीने की गहन छानबीन के बाद सीआईडी को पता चला कि यह हेरोइन पैकेट बरूवाला गांव के इन तीनों आरोपियों ने पाकिस्तानी तस्करों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करके मंगवाई थी।

सीआईडी सूत्रों के अनुसार रणजीतसिंह का पाकिस्तानी तस्करों से सीधा संबंध है। विकासदीप और सुखविंदर सिंह उसके सहयोगी हैं, जो ड्रोन से गिराए गए हेरोइन और हथियारों के पैकेट उठाने और आगे पहुंचाने का काम करते थे।

इन तीनों की संदिग्ध भूमिका करीब दो महीने पहले फरवरी में समेजा कोठी थाना क्षेत्र के एक खेत में मिले विदेशी ग्लॉक पिस्तौल के मामले में भी सामने आयी है। उस समय भी अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी क्रम में 24 जून को समेजा कोठी थाना क्षेत्र के चक 22 पीटीडी में रामचंद्र के खेत में करीब 750 ग्राम हेरोइन वाला एक पैकेट बरामद हुआ था। इस मामले में भी अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

सीआईडी सूत्रों के मुताबिक इस हेरोइन को मंगवाने में भी रणजीत सिंह की प्रमुख भूमिका थी। सूत्रों ने बताया कि चक 22 पीटीडी में ड्रोन से चार पैकेट गिरे थे। तीन पैकेट तस्कर उठाकर ले गए, लेकिन एक पैकेट नहीं मिला जो बाद में रामचंद्र के खेत में मिला। इसी तरह आत्माराम के खेत में मिले पैकेट के अलावा अन्य पैकेट भी ड्रोन से गिराए जाने की संभावना है।

रणजीत सिंह पर पहले भी दुष्कर्म और अवैध वसूली के मामले दर्ज हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार इनका गिरोह पिछले लंबे समय से समेजा कोठी क्षेत्र में पाकिस्तानी तस्करों से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ और हथियार मंगवाने में सक्रिय था।

तीनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इस अवधि के दौरान खुफिया एजेंसियों के संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) में इनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी।