कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के दो पूर्व विधायक, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शुक्रवार को शामिल हो गए।
नए राजनीतिक घटनाक्रम में बनगांव उत्तर के पूर्व विधायक बिश्वजीत दास तथा राजारहाट-न्यू टाउन के पूर्व विधायक तापस चट्टोपाध्याय औपचारिक रूप से ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल हो गए। इससे उत्तर 24-परगना जिले में इस गुट की सांगठनिक स्थिति काफी मजबूत हो गई है।
दास ने पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत के कक्ष में उनसे मुलाकात की। इस बैठक के दौरान विपक्ष के मुख्य सचेतक अखरुज्जमां भी मौजूद थे। इसके तुरंत बाद यह स्पष्ट हो गया कि दास ने मूल गुट से अपने संबंध तोड़ लिए हैं और वे नए समूह में शामिल हो गए हैं। कुछ ही समय बाद, चट्टोपाध्याय ने भी इसी गुट में शामिल होने के अपने निर्णय की घोषणा कर दी।
राजनैतिक विश्लेषक इन दोनों नेताओं के पाला बदलने को बनर्जी के गुट के लिए एक बड़ी सांगठनिक बढ़त के रूप में देख रहे हैं, विशेषकर ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव के बाद से कई नेता और निर्वाचित प्रतिनिधि लगातार अपनी निष्ठा बदल रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय तक नेता रहे दास वर्ष 2011 और 2016 दोनों विधानसभा चुनावों में बनगांव उत्तर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी में दूसरे स्थान पर माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता था।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और बागदा सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। भाजपा में उनका रहना अल्पकालिक रहा। उसी वर्ष बाद में उन्होंने विधानसभा में ममता बनर्जी से मुलाकात की और तृणमूल कांग्रेस में लौटने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने बागदा के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, पुनः पार्टी में शामिल हुए।
इस साल के विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर से बनगांव उत्तर से मैदान में उतारा गया, लेकिन वे भाजपा उम्मीदवार अशोक कीर्तनिया से हार गए। चट्टोपाध्याय का इस गुट में आना भी बनर्जी के खेमे के लिए एक रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है।



