नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत में सुधार हो रहा है। यह युवती 20 जुलाई को हुए मार्च के दौरान मची भगदड़ में घायल हो गई थी जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया था।
आज दोपहर एक बजे आरएमएल अस्पताल से प्राप्त स्वास्थ्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वह होश में है और हिदायतों का सही जवाब दे रही है। सोमवार को जब उसे भर्ती कराया गया था तब उनकी हालत गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसे 24 घंटे पहले सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाया गया था और अब वह खुद से सांस ले रही हैं।
पुलिस ने कहा कि उसे मल्टी-डिसिप्लिनरी इलाज करने वाली टीम की कड़ी निगरानी में व्यापक गंभीर देखभाल की ज़रूरत है और वह इसे लगातार प्राप्त कर रही हैं। पुलिस ने पहले घायल महिला प्रदर्शनकारी की मौत के बारे में सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को खारिज कर दिया।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह खबर पुलिस और व्यवस्था-विरोधी भावनाओं को भड़काने और लोगों में घबराहट व भावनात्मक उबाल पैदा करने के लिए फैलाया जा रहा एक झूठा प्रचार है। पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की अपील की।
पुलिस ने आज एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबरें गलत हैं। दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी कर कहा कि यह सूचित किया जाता है कि महिला जीवित है और अभी राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
दिल्ली पुलिस ने सभी नागरिकों से सोशल मीडिया पर जानकारी देने और उसे शेयर करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ज़िम्मेदार डिजिटल व्यवहार की शुरुआत किसी भी कंटेंट को आगे भेजने से पहले आधिकारिक माध्यमों से तथ्यों की पुष्टि करने से होती है।



