पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण

1

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के मीडिया में आ रही इन रिपोर्टों को पूरी तरह से निराधार बताया है जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर पाकिस्तान में बाढ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। भारत का कहना है कि चेनाब नदी में पानी की वृद्धि जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में भारी मानसूनी बारिश का नतीजा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तानी मीडिया का यह आरोप कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है, पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने कहा कि 20 से 23 जुलाई के दौरान चेनाब नदी के बहाव में हाल ही में हुई वृद्धि, जम्मू और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी मानसूनी बारिश का सीधा नतीजा है।

प्रवक्ता ने कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान के लाहौर स्थित बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने 22 जुलाई को जारी अपनी बाढ़ चेतावनी में, चेनाब नदी में बाढ़ के ऊंचे स्तर का कारण ऊपरी जल क्षेत्र में हुई भारी बारिश को ही बताया था। इसमें यह भी कहा गया था कि मराला में पानी का तेज बहाव बना रहेगा और बारिश कम होने पर यह धीरे-धीरे घटेगा।

जायसवाल ने कहा कि इसलिए नदी के बहाव में यह वृद्धि भारी मानसूनी बारिश की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है न कि भारत द्वारा जानबूझकर उठाए गए कदम का नतीजा। मौसम की वजह से आई बाढ़ की इस घटना को ऊपरी क्षेत्र से की गई छेड़छाड़ के रूप में पेश करने की कोशिशें गलत और तकनीकी रूप से आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी आधिकारिक बाढ़ चेतावनियों के भी विपरीत है।

प्रवक्ता ने कहा कि जहा तक बाढ़ की चेतावनी न देने के आरोपों का सवाल है, इस दौरान नदी का बहाव ऐसे असाधारण स्तर तक नहीं पहुचा था जिसके लिए कोई विशेष चेतावनी जारी करने की जरूरत पड़े। पानी का यह बहाव ऊपरी जल क्षेत्रों में मौजूद मानसूनी हालात के बिल्कुल अनुरूप था, जिसे पाकिस्तान के अपने बाढ़ पूर्वानुमान अधिकारियों ने भी माना है। इसलिए, यह कहना कि भारत ने जानबूझकर बाढ़ से जुड़ी जानकारी छिपाई, पूरी तरह से निराधार है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह, जब भी ऐसी स्थिति आएगी, भारत मानवीय आधार पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ बाढ़ के आंकड़े साझा करता रहेगा। सिंधु जल संधि से संबंधित एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढावा देता रहेगा यह संधि स्थगित रहेगी।