जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर कड़ी फटकार लगाई है।
न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि सरकार न्यायाधिकरण का संचालन नहीं कर सकती तो उसे बंद कर देना चाहिए। साथ ही सरकार को सात दिन के भीतर अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए।
न्यायालय ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं और ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने तबादला आदेशों को चुनौती देने के लिए न्यायाधिकरण का रुख करेंगे, लेकिन न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने के कारण याचिकाओं की सुनवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे हालात में कर्मचारियों को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
न्यायालय ने टिप्पणी की न्यायाधिकरण कार्य नहीं करेगा तो सरकार बताए कि तबादलों से प्रभावित कर्मचारी आखिर कहां जाएंगे और अपनी शिकायतों का समाधान किस मंच पर कराएंगे। अदालत ने कहा कि वैधानिक संस्था को निष्क्रिय छोड़ना उचित नहीं है और सरकार को इसकी कार्यप्रणाली सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सात दिन में न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करके स्थिति से अवगत कराया जाए।



