वहीदा रहमान बनेंगी महात्मा गांधी की मां पुतलीबाई, मनोज बाजपेयी निभाएंगे बापू का किरदार

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मुंबई। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अहम भूमिका में नजर आने वाली हैं। वह फिल्मकार सुधीर मिश्रा की आगामी ऐतिहासिक फिल्म में महात्मा गांधी की मां पुतलीबाई का किरदार निभाएंगी। फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भूमिका में दिखाई देंगे, जबकि सौरभ शुक्ला भी महत्वपूर्ण किरदार निभाते नजर आएंगे।

गांधीजी के जीवन के कम चर्चित 21 दिनों पर आधारित इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता है। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता के दौर के एक ऐसे महत्वपूर्ण अध्याय पर केंद्रित है, जिसे बड़े पर्दे पर नए नजरिए से प्रस्तुत करने की तैयारी है।

गांधीजी के निजी जीवन से जुड़ेगा कहानी का भावनात्मक पक्ष

फिल्म में वहीदा रहमान का पुतलीबाई के रूप में नजर आना इसकी खास बातों में शामिल है। पुतलीबाई का महात्मा गांधी के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। ऐसे में मां-बेटे के रिश्ते और गांधीजी के व्यक्तित्व के निर्माण से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को फिल्म में जगह मिलने की संभावना है।

मनोज बाजपेयी पहली बार महात्मा गांधी की भूमिका निभाने जा रहे हैं। अपने विविधतापूर्ण अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले मनोज इस ऐतिहासिक किरदार के जरिए गांधीजी के व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष को पर्दे पर प्रस्तुत करेंगे।

सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बन रही फिल्म

फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ए बनारस मीडियावर्क्स के बैनर तले कर रहे हैं। एनएच स्टूडियोज फिल्म को प्रस्तुत कर रहा है।

इस परियोजना की घोषणा के समय निर्देशक सुधीर मिश्रा ने इसे भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास के एक महत्वपूर्ण, लेकिन कम चर्चित दौर पर आधारित कहानी बताया था। फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं के साथ गांधीजी के व्यक्तिगत जीवन के पहलुओं को भी उकेरने की कोशिश की जाएगी।

मनोज बाजपेयी के लुक ने पहले ही खींचा ध्यान

फिल्म में महात्मा गांधी के रूप में मनोज बाजपेयी का पहला लुक सामने आने के बाद से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा तेज हुई है। गांधीजी की वेशभूषा और शारीरिक रूप में बदलाव के साथ मनोज का नया अंदाज दर्शकों के बीच जिज्ञासा पैदा कर रहा है।

वहीदा रहमान, मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी से फिल्म को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। अब दर्शकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सुधीर मिश्रा इतिहास के इस कम चर्चित अध्याय को किस सिनेमाई अंदाज में प्रस्तुत करते हैं।