वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में महाराष्ट्र से दर्शन-पूजन के लिए आए एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पिता की बीमारी से मौत के बाद मां और बेटे ने भी सोमवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार लक्सा क्षेत्र स्थित एक होमस्टे के कमरे में सोमवार रात मां और बेटे के शव मिले। प्रारंभिक जांच में दोनों द्वारा सलफास खाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र निवासी व्यापारी विशाल मुखर्जी (56) अपनी पत्नी जया मुखर्जी (51) और पुत्र ईशान मुखर्जी (25) के साथ पांच अगस्त को काशी आए थे। परिवार ने श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया तथा गंगा आरती में भी शामिल हुआ। बताया जा रहा है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे विशाल मुखर्जी की सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने की अंतिम इच्छा थी।
शनिवार रात विशाल मुखर्जी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों से बातचीत के बाद पत्नी और पुत्र ने काशी में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के अनुसार विशाल मुखर्जी की मौत के बाद जया मुखर्जी और ईशान गहरे सदमे में थे। सोमवार रात लक्सा स्थित होमस्टे के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुलने पर संचालकों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो मां और बेटे मृत मिले। प्रारंभिक जांच में दोनों द्वारा सलफास खाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है।
काशी जोन के अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर ने बताया कि विशाल मुखर्जी की मृत्यु गंभीर बीमारी के कारण हुई थी। इसके बाद परिवार गहरे सदमे में था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मां और बेटे ने दाह संस्कार के बाद होटल के कमरे में सलफास खाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच की जा रही है तथा परिजनों को सूचना देकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।



