नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गहरी चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की अपील की है। हादसे में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्रों समेत कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की खबर है और घटनास्थल पर राहत बचाव कर लगातार किए जा रहे हैं।
खरगे ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरना बेहद दुखद और टाली जा सकने वाली त्रासदी है। मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के फंसे होने की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को बचाने और घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता मौके पर मौजूद हैं तथा पीड़ितों और उनके परिजनों की हर संभव मदद कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि यह हादसा छात्रों को असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले पीजी में रहने के लिए मजबूर करने वाली स्थिति को भी उजागर करता है। छात्रों का जीवन कीमती है और उनकी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
गांधी ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं। मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें तथा घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्र पीजी में 40-40 की संख्या में अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा होनी चाहिए।
वाड्रा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, साउथ कैंपस के पास बिल्डिंग ढहने का समाचार झकझोरने वाला है। बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हैं, जिनमें कई छात्र भी हैं। सभी की कुशलता की कामना करती हूं। ईश्वर सबको सुरक्षित रखें।
उन्होंने प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की अपील की, ताकि हर पीड़ित तक समय पर मदद पहुंच सके। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता मौके पर यथासंभव मदद कर रहे हैं तथा कांग्रेस सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।



