राष्ट्रभक्ति के सुरों से गूंजा अजमेर, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने जीती समूहगान प्रतियोगिता

0

अजमेर। देशभक्ति, संस्कृति और संगीत का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब भारत विकास परिषद् अजमेर मुख्य शाखा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता-2026 में विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभागार को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। सेंट एन्सेल्म्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हिंदी, संस्कृत और लोकगीत—तीनों प्रमुख श्रेणियों में प्रथम स्थान हासिल कर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया।

प्रतियोगिता के हिंदी समूहगान वर्ग में दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल विजेता रहा। सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल ने दूसरा और आर्यन पब्लिक स्कूल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। संस्कृत समूहगान में भी यही क्रम देखने को मिला। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल प्रथम, सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल द्वितीय और आर्यन पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहे।

लोकगीत श्रेणी में भी दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने बाजी मारी। सेंट्रल एकेडमी स्कूल दूसरे और आर्यन पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर रहा। तीनों श्रेणियों के प्रदर्शन के समेकित परिणाम में दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल को प्रथम स्थान मिला। इस जीत के साथ स्कूल ने 4 अक्टूबर को भीलवाड़ा में होने वाली प्रांत स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता के लिए भी जगह बना ली।

देशभक्ति गीतों ने बांधा समां

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। अपनी धरती अपना अंबर, कोटि-कोटि कंठों ने गाया, सूरज बदले चंदा बदले, भारत माता की संताने, हम बंगाली हम पंजाबी गुजराती मद्रासी हैं, क्रांति की मशाल से, जय-जय हे भगवति और भारत वंदे मातरम् जैसी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं में जोश भर दिया।

लोकगीत वर्ग में राजस्थान की लोक संस्कृति भी पूरे रंग में नजर आई। लेता जाजो जी, केसरिया बालम और लुक छुप ना जाओ जी जैसे गीतों की प्रस्तुतियों ने सभागार में राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। विद्यार्थियों की गायन शैली, सामूहिक स्वर-सामंजस्य और मंच प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।

10 स्कूलों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में अजमेर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल, आर्यन पब्लिक स्कूल, सेंट्रल एकेडमी स्कूल, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, श्री बालाजी रॉयल पब्लिक स्कूल, एचकेएच पब्लिक स्कूल, गुजराती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, द टर्निंग प्वाइंट पब्लिक स्कूल, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल और प्रेसीडेंसी स्कूल शामिल रहे।

प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन निर्णायक मंडल में शामिल रुखसाना, अनुपम राठौड़ और लता लख्यानी ने किया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए गायन, सुर, ताल, सामूहिकता और प्रस्तुति से जुड़ी बारीकियों पर अपने विचार साझा किए। निर्णायक मंडल की संगीतमय प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में आकर्षण बढ़ाया।

राष्ट्रभक्ति के साथ संस्कारों का संदेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान मध्य प्रांत के महासचिव आनंद सिंह राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति के साथ अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। समाजसेवी सुभाष काबरा ने युवाओं से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। सेंट एन्सेल्म्स स्कूल के प्राचार्य रेव फादर नेल्सन वी ने संगीत को समाज को जोड़ने और सकारात्मक संस्कारों के निर्माण का सशक्त माध्यम बताया।

भारत विकास परिषद् अजमेर मुख्य शाखा के अध्यक्ष रमेशचंद जाजू ने स्वागत उदबोधन में प्रतियोगिता के उद्देश्य बताए। पर्यवेक्षक प्रवीण जैन ने प्रतियोगिता की रूपरेखा और नियमों की जानकारी दी। संयोजक दिलीप पारीक ने कार्यक्रम का संचालन किया। अतिथियों का स्वागत सुमन राव, कांता राव एवं भारती कुमावत ने किया, जबकि लक्ष्मीनारायण बंसल ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जगदीश काबरा, राधेश्याम अग्रवाल, सुरेशचंद गोयल, डॉ. सुरेश गाबा, जीतमल चौहान, डॉ. भरत छबलानी, प्रदीप सेठ, मोहनलाल कुमावत, वीरेंद्र सिंह राव, हर्षवर्धन राठौड़, कमल किशोर वर्मा, राकेश बल्दवा, तनुज खंडेलवाल, सोमरत्न आर्य, राकेश मूंदड़ा, सुरेंद्र सिंह वेदी, कैलाश अग्रवाल, गोविंद वर्मा और राजेंद्र मित्तल सहित परिषद् के अनेक सदस्य मौजूद रहे। राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ।