जल जीवन मिशन मामले में आरोपी विशाल सक्सेना की जमानत अर्जी खारिज

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जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन में 979 करोड़ 27 लाख रुपए के टेंडर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिए जाने से जुड़े मामले में गिरफ्तार तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना को अदालत से राहत नहीं मिली।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत -2 के न्यायाधीश राजेश दड़िया ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए मंगलवार को सक्सेना की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

विशाल सक्सैना को एसीबी ने 17 फरवरी को गिरफ्तार किया था। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन मंजुला जैन ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया।

मामला जल जीवन मिशन के तहत करीब 979 करोड़ 27 लाख रुपये के टेंडर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिए जाने से संबंधित है। एसीबी ने प्राथमिक जांच के बाद 30 अक्टूबर 2024 को इस संबंध में मामला दर्ज किया था।

इस मामले में एसीबी की कार्रवाई के तहत तत्कालीन पीएचईडी मंत्री महेश जोशी, तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, मुकेश पाठक, संजय बढ़ाया, महेंद्र प्रकाश सोनी और निरिल कुमार सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसीबी ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ 13 अप्रैल को करीब 15 हजार पृष्ठों का आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। मामले की जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया और कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जांच के दायरे में लिया गया है।