14 स्वप्नों के प्रसंग से लेकर प्रभु जन्म तक हुआ आध्यात्मिक वर्णन, पालना झुलाकर मनाया जन्मोत्सव
अजमेर। पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर पुष्कर रोड स्थित श्री विजयकलापूर्ण सूरि जैन आराधना भवन में भगवान महावीर जन्म वाचन का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। पंन्यास मुक्ति श्रमण विजयजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
जन्म वाचन के दौरान मुनि मुक्ति चरण विजयजी महाराज ने भगवान महावीर के जन्म से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर के जन्म से पूर्व माता त्रिशला ने मध्य रात्रि में चौदह शुभ स्वप्न देखे थे। उन्होंने इन स्वप्नों के बारे में राजा सिद्धार्थ को जानकारी दी और उनका अर्थ जानना चाहा।
राजा सिद्धार्थ ने इन स्वप्नों को शुभ और श्रेष्ठ गुणों का संकेत बताया। इसके बाद प्रातः राजदरबार में स्वप्नों के जानकार विद्वानों को बुलाया गया। उन्होंने स्वप्नों की व्याख्या करते हुए इसे तीर्थंकर के जन्म का शुभ संकेत बताया। यह प्रसंग सुनते ही आराधना भवन में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का वातावरण बन गया।
स्वप्नों के चढ़ावे में श्रद्धालुओं ने लिया उत्साह से भाग
कार्यक्रम में चौदह स्वप्नों के चढ़ावे भी बोले गए। गौरव तांतेड़ एवं नरपत राज भंडारी ने स्वप्नों के चढ़ावे लिए। संघ के श्रावक-श्राविकाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मुनि भगवंतों से आशीर्वाद एवं सिर पर वासक्षेप प्राप्त किया।
मुनि भगवंत ने भगवान महावीर के जन्मकाल से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि उस समय चारों ओर आनंद और उल्लास का वातावरण था। भगवान महावीर के जन्म के साथ ही तीनों लोक में खुशियां छा गईं। जन्म वाचन के इस प्रसंग के साथ ही आराधना भवन का वातावरण भगवान महावीर के जयकारों से गूंज उठा।
पालना झुलाया, लगाए केसर-कुमकुम के छापे
भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पालना झुलाया। झालर बजाकर और भगवान के जयकारे लगाकर जन्म की खुशी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को केसर-कुमकुम के छापे लगाए और नारियल बधारकर उत्सव की खुशी साझा की। इसके बाद पंजरी का प्रसाद वितरित कर सभी का मुंह मीठा कराया गया।
बैंड-बाजों के साथ निकली पालना यात्रा
जन्म वाचन के बाद भगवान के पालने को बैंड-बाजों के साथ पुष्कर रोड और वीर लोकाशाह कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से घुमाया गया। यात्रा वापस आराधना भवन पहुंची, जहां पंन्यास प्रवर एवं मुनि प्रवर की ओर से मंगलिक पाठ किया गया।
इस अवसर पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन श्री राजेश कुमार एवं आशीष कुमार खींवसरा की ओर से किया गया। वहीं रात्रि में पालना जी भक्ति का विशेष कार्यक्रम शास्त्री नगर स्थित श्री वासुपूज्य स्वामी मंदिर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं धार्मिक उत्साह के साथ भगवान महावीर के जन्मोत्सव में सहभागिता की।





