तेहरान। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर अमरीका के सामने सात शर्तें रखी हैं। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया है कि इन शर्तों को पूरा किए बिना तेहरान जलडमरूमध्य को सामान्य वाणिज्यिक यातायात के लिए खोलने को तैयार नहीं है।
ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए नए प्रवेश और निकास मार्ग को लेकर समझ बनी है, लेकिन तेहरान ने साफ किया है कि यह समझौता अपने आप होर्मुज को खोलने का मतलब नहीं है। अंतिम फैसला अमेरिका की ओर से ईरान की शर्तें पूरी किए जाने पर निर्भर करेगा।
क्या हैं ईरान की प्रमुख मांगें?
ईरानी पक्ष से पहले सामने आई जानकारी और संबंधित रिपोर्टों के मुताबिक, शर्तों का केंद्र युद्ध रोकने, अमरीका सैन्य दबाव खत्म करने और ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध हटाने से जुड़ा है। इनमें प्रमुख रूप से—
- अमरीका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को स्थायी रूप से समाप्त करना।
- क्षेत्र में अमरीका सैन्य दबाव और सैन्य गतिविधियों को खत्म करना।
- ईरान पर लगाए गए व्यापक आर्थिक प्रतिबंध और नाकाबंदी हटाना।
- विदेशों में जमा या फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना।
- युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा देना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की भूमिका और नियंत्रण को स्वीकार करना।
- क्षेत्रीय संघर्षों को खत्म करने तथा ईरान की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाना।
इन मांगों में कुछ बिंदुओं की व्याख्या अलग-अलग ईरानी सूत्रों और रिपोर्टों में अलग तरीके से की गई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी पहले ही कह चुके हैं कि होर्मुज को खोलने का सवाल केवल नाकाबंदी हटाने तक सीमित नहीं है। तेहरान युद्ध की समाप्ति, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रोकने और अपनी सुरक्षा चिंताओं के समाधान को भी अहम मानता है।
ओमान के साथ बनी नई व्यवस्था क्या है?
ईरान और ओमान के बीच वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन के लिए नए समुद्री मार्गों को लेकर समझ बनी है। प्रस्तावित व्यवस्था में फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों के लिए ऐसा मार्ग तैयार किया जाना है, जिसका बड़ा हिस्सा ईरानी क्षेत्रीय जल से होकर गुजरेगा। बाहर निकलने वाले जहाजों के लिए भी मार्ग का कुछ हिस्सा ईरानी जल क्षेत्र में होगा।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए एक नियंत्रित और सुरक्षित मार्ग तैयार करना है। हालांकि, यह व्यवस्था अपने आप में जलडमरूमध्य के पूर्ण रूप से खुलने की घोषणा नहीं है।
अमरीका से टकराव का बड़ा मुद्दा बना होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से ईरान और अमरीका के बीच रणनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। ईरान का कहना है कि युद्ध के बाद यहां सामान्य समुद्री यातायात की पुरानी व्यवस्था उसके लिए स्वीकार्य नहीं है और नई परिस्थितियों में सुरक्षा तथा नियंत्रण से जुड़े नियमों में बदलाव जरूरी है।
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए शुल्क वसूलने और इसके प्रबंधन में अपनी भूमिका बढ़ाने की मांग कर रहा है। अमेरिका इस व्यवस्था को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।
सोमवार को ओमान में होगी अहम बैठक
ईरान ने ओमान में खाड़ी देशों के साथ बैठक की योजना बनाई है, जिसमें होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन और नए समुद्री मार्गों पर चर्चा होनी है। हालांकि, ईरानी सूत्रों ने संकेत दिया है कि बैठक से तत्काल जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद नहीं है।
इस बीच क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। होर्मुज के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर प्रोजेक्टाइल लगने की रिपोर्ट के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है।
दुनिया की नजर होर्मुज पर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां लंबे समय तक व्यवधान रहने से कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालिया घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखी गई है।



