शिक्षा के जरिए आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर मंथन, डीएवी कॉलेज में समविचारी संस्थाओं की बैठक

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अजमेर। शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिकता, सेवा, संस्कार, राष्ट्रभावना और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता पर अजमेर में आयोजित आध्यात्मिक शैक्षिक संस्थान समविचारी समूह की बैठक में विचार-विमर्श हुआ। बैठक का आयोजन दयानंद महाविद्यालय अजमेर में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या भारती राजस्थान के उपाध्यक्ष भरतराम कुम्हार ने कहा कि आध्यात्मिकता भारतीय जीवन-पद्धति और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि सेवा, परोपकार, निःस्वार्थ भाव, सत्य का आचरण, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सदभाव जैसे कार्यों के माध्यम से आध्यात्मिक मूल्यों को व्यवहार में उतारा जा सकता है।

शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने पर जोर

भरतराम कुम्हार ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषियों ने शिक्षा को संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ा था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा के व्यावसायीकरण के बीच भी देश में ऐसी अनेक शिक्षण संस्थाएं काम कर रही हैं, जो सेवा भावना के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर रही हैं। इन संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से शिक्षा के इस स्वरूप को और व्यापक बनाया जा सकता है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों पर चर्चा

बैठक में इस बात पर भी विचार हुआ कि विभिन्न समविचारी शिक्षण संस्थाएं आपसी सहयोग और अनुभव साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में किस तरह नए प्रयास कर सकती हैं। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सामूहिक चिंतन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित शिक्षा, संस्कार और समग्र विकास से जुड़े उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

कुम्हार ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान देशभर में बड़ी संख्या में विद्यालय, महाविद्यालय और अनौपचारिक शिक्षण केंद्रों के माध्यम से शिक्षा एवं संस्कार का कार्य कर रही है। उन्होंने राजस्थान में समान उद्देश्य के साथ काम कर रही शिक्षण संस्थाओं से मिलकर भविष्य की दिशा तय करने का आह्वान किया।

विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि हुए शामिल

बैठक में विद्या भारती राजस्थान के संगठन मंत्री गोविन्द कुमार, विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के मंत्री डॉ. सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा, प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा तथा विद्या भारती शिक्षा संस्थान अजमेर के सचिव संजय शर्मा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में डीएवी महाविद्यालय अजमेर, डीबीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल अजमेर, गायत्री विद्यापीठ पुष्कर, वेदपाठी महाविद्यालय पुष्कर, संस्कृत महाविद्यालय निम्बार्क पीठ, वर्धमान बालिका महाविद्यालय ब्यावर, कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय निम्बाहेड़ा, श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय ब्यावर, श्री कन्या आर्य दयानंद महाविद्यालय ब्यावर तथा श्री भंवरलाल गोठी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्यावर के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।