मेयर की कुर्सी में उलझी अजमेर भाजपा, मोदी के जन्मदिन पर ‘दीया’ ढूंढता रह गया संगठन

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सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम।

किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति बनी दिनभर का सबसे बड़ा मुद्दा, ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की शहर में नहीं दिखी खास चमक
अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन… भाजपा का सेवा संकल्प अभियान… और शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का कार्यक्रम। लेकिन अजमेर भाजपा के लिए गुरुवार का दिन कुछ अलग ही कहानी लिखता नजर आया। संगठन के नेता और पदाधिकारी दिनभर प्रधानमंत्री के जन्मदिन की तैयारियों से ज्यादा नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन को लेकर आपत्ति उठाने के मामले में उलझे रहे।

सुबह से लेकर शाम तक राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नगर निगम बना रहा। भाजपा की ओर से किरण गढ़वाल के नामांकन और दस्तावेजों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। इस मामले में निगम में चली कवायद ने स्थानीय भाजपा की राजनीतिक ऊर्जा को पूरी तरह मेयर चुनाव की ओर मोड़ दिया। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक था कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भाजपा की ओर से घोषित ‘आशीर्वाद का दीया’ आखिर अजमेर में कहां और कितना जला?

मेयर का मामला चमका, ‘दीया’ फीका!

भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने की घोषणा की थी। पार्टी की योजना बूथ स्तर तक घरों, सार्वजनिक स्थानों और चौपालों पर दीप जलाने की थी। लाभार्थी परिवारों के घर जाकर भी दीप प्रज्ज्वलित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

लेकिन अजमेर में गुरुवार को भाजपा के स्थानीय संगठन की गतिविधियों में नगर निगम चुनाव का मुद्दा ही प्रमुखता से दिखाई दिया। शहर में किसी बड़े आयोजन की अधिकृत जानकारी देर रात तक मीडिया तक नहीं पहुंची। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े स्थानीय भाजपा कार्यक्रमों की वह सक्रियता नजर नहीं आई, जिसकी आमतौर पर उम्मीद की जाती है।

दरगाह से बूथ तक ‘दीया’ कहां जला?

भाजपा की ओर से देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया गया था। अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह सहित प्रमुख स्थानों पर इस अभियान के तहत दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की कोई स्पष्ट अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई।

सरकारी स्तर पर कुछ अस्पतालों में रक्तदान शिविरों के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत जरूर हुई। लेकिन भाजपा जिला संगठन की ओर से शहर में हुए किसी बड़े कार्यक्रम की जानकारी या तस्वीर देर रात तक सामने नहीं आई। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में प्राचार्य मनोज बेहरवाल कुछ विद्यार्थियों संग दीप हाथ में लिए आशीर्वाद के संकल्प को जरूर साकार कर रहे हैं।

प्रवक्ता बोले- जिलाध्यक्ष से पूछिए

जब भाजपा जिला संगठन के प्रवक्ता से कार्यक्रमों की जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने स्वयं के शहर से बाहर होने की बात कही और जानकारी के लिए जिलाध्यक्ष से संपर्क करने को कहा। यानी जिस दिन भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ-बूथ प्रधानमंत्री के जन्मदिन का संदेश पहुंचाना था, उसी दिन अजमेर में संगठन से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी लेने के लिए भी ‘जिम्मेदार’ तलाशने की स्थिति बन गई।

निगम चुनाव ने बदल दिया दिन का एजेंडा?

अजमेर नगर निगम का मेयर चुनाव इस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन पर भाजपा की आपत्ति ने दिनभर का राजनीतिक एजेंडा ही बदल दिया। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन था और दूसरी तरफ मेयर की कुर्सी का मुकाबला। अजमेर भाजपा में गुरुवार को दूसरा मुद्दा पहले पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

अब शहर में राजनीतिक चर्चा इसी बात को लेकर है कि क्या मेयर की कुर्सी की लड़ाई में भाजपा संगठन प्रधानमंत्री के जन्मदिन का स्थानीय उत्सव ही भूल गया?

प्रधानमंत्री का जन्मदिन हर साल आता है, लेकिन अजमेर नगर निगम की मेयर की कुर्सी का यह चुनाव फिलहाल रोज नई राजनीतिक कहानी लिख रहा है। गुरुवार को भी कहानी में ‘आशीर्वाद का दीया’ कम और मेयर चुनाव की आपत्ति का उजाला ज्यादा दिखाई दिया।

विजय सिंह | संपादक सबगुरु न्यूज