वार्ड 112 से 905 वोटों से जीत के बाद कोठारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा के पास 78 पार्षद
जयपुर। जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सुनील कोठारी को अपना मेयर प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने शनिवार को उनके नाम पर मुहर लगाई। इसके बाद कोठारी ने महापौर पद के लिए नामांकन भी दाखिल किया।
जयपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए मतदान 25 सितंबर 2026 को होना है। भाजपा के सामने अब अपने प्रत्याशी के पक्ष में पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में है।
वार्ड 112 से 905 वोटों की जीत ने मजबूत की दावेदारी
सुनील कोठारी ने हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड 112 से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 मतों के अंतर से हराया। चुनाव परिणाम के बाद ही कोठारी का नाम महापौर पद के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से सामने आया था। भाजपा ने वार्ड 112 में पूर्व महापौर कुसुम यादव का टिकट काटकर कोठारी को मैदान में उतारा था। जीत के बाद पार्टी ने अब उन्हें महापौर पद की जिम्मेदारी के लिए चुना है।
भाजपा में कई नामों पर था मंथन
महापौर पद के लिए भाजपा में सुनील कोठारी के अलावा पुनीत कर्णावट, शैलेन्द्र भार्गव, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह समेत कई नामों को लेकर चर्चा चल रही थी। पार्टी स्तर पर रायशुमारी के बाद आखिरकार कोठारी के नाम पर सहमति बनी। कोठारी भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और पूर्व में जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव वाले चेहरे को महापौर पद के लिए आगे किया है।
जयपुर में भाजपा के पास 78 पार्षद
150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में भाजपा ने 78 वार्डों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस के खाते में शुरुआती चुनाव परिणामों में 53 सीटें थीं, लेकिन चार वार्डों में हुए पुनर्मतदान के बाद कांग्रेस ने सभी चार सीटें जीतकर अपनी संख्या 57 कर ली। निर्दलीय पार्षदों की संख्या 15 है। इस गणित के बीच भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा पार करने वाला संख्याबल मौजूद है। हालांकि महापौर का चुनाव पार्षदों के मतदान से होगा और अंतिम परिणाम मतदान के बाद ही आधिकारिक रूप से सामने आएगा।
कांग्रेस भी उतारेगी प्रत्याशी
भाजपा के सुनील कोठारी के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी महापौर चुनाव के लिए प्रत्याशी उतारने की तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस की ओर से भाजपा पार्षदों के संपर्क में होने का दावा भी किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में 25 सितंबर के मतदान से पहले दोनों दल अपने-अपने पार्षदों को साधने में जुटे हैं। निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल जयपुर नगर निगम में भाजपा के पास 78 पार्षदों का संख्याबल है, जबकि कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीयों के पास 15 पार्षद हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मतदान के दिन यह संख्या किस तरह मतदान में बदलती है।



