अजमेर उपमहापौर चुनाव : 40-40 वोट के बाद पर्ची से नतीजे पर कांग्रेस का सवाल

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कांग्रेस प्रत्याशी नौरत गुर्जर ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
अजमेर। अजमेर नगर निगम उपमहापौर चुनाव के नतीजे के बाद सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी नौरत गुर्जर और भाजपा प्रत्याशी हेमंत सांखला को 40-40 मत मिलने के बाद पर्ची के जरिए हुए फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल के निर्देश पर कांग्रेस के उपमहापौर प्रत्याशी नौरत गुर्जर ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। इसमें पर्ची तैयार करने से लेकर उसे निकालने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और निर्वाचन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल करने की मांग की गई है।

बराबर मतों के बाद पर्ची से हुआ फैसला

उपमहापौर चुनाव में भाजपा के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नौरत गुर्जर को 40-40 मत मिले थे। मतों की बराबरी के बाद पर्ची के माध्यम से निर्णय किया गया, जिसमें भाजपा प्रत्याशी हेमंत सांखला को विजेता घोषित किया गया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पर्चियां तैयार करने और निकालने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने इस प्रक्रिया में अपनाई गई व्यवस्था और निर्वाचन अधिकारी की भूमिका की जांच की मांग की है।

वीडियोग्राफी और निर्वाचन रिकॉर्ड की जांच पर जोर

ज्ञापन में नौरत गुर्जर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया का पारदर्शी और निष्पक्ष होना जरूरी है। यदि किसी पक्ष को निर्वाचन प्रक्रिया पर संदेह है तो उसका समाधान तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि पर्ची निकालने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी, निर्वाचन संबंधी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव में जीत-हार के साथ-साथ निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष जांच से ही प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है।

कांग्रेस ने धनबल और सत्ता के दुरुपयोग के लगाए आरोप

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए धनबल, बाहुबल और राजबल का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया की रक्षा के लिए वह हर लोकतांत्रिक मंच पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उपमहापौर चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

कांग्रेस के कई नेता रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के उपाध्यक्ष विवेक पाराशर, नौरत गुर्जर, शौर्य जयपाल, शैलेश गुप्ता, हेमंत जोधा, श्रवण सन्नू, अशरफ बुलंद खान, सर्वेश पारीक, सुरेंद्र गुर्जर, निर्मल पारीक, चंद्रेश सुनिया, दीपक यादव, भरत धौलखेड़िया, गुरुदत्त गौरा और ऋषभ मेघवंशी सहित अनेक कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।