अजमेर में दीपावली पर मिठाई की दुकानों पर विभाग की छापेमारी, डिब्बों के वजन से लेकर तौल कांटों तक की जांच

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सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने व्यापारियों को नियमों की पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अजमेर। दीपावली के त्योहार पर मिठाई और अन्य खाद्य वस्तुओं की खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी न हो, इसके लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को सहायक नियंत्रक भावना दयाल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शहर के प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाई के डिब्बों का वजन, पैकेजिंग पर दर्ज अनिवार्य जानकारियां और तौल उपकरणों के सत्यापन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।

यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। निरीक्षण के दायरे में मदार गेट स्थित राजस्थान स्वीट्स एंड नमकीन, सीताराम स्वीट्स, खंडेलवाल स्वीट्स एंड कैटर्स, श्री बद्री प्रसाद नारायण प्रसाद, पंडित बद्री प्रसाद नारायण प्रसाद, शिव बद्री प्रसाद नारायण प्रसाद और आजाद स्वीट्स के अलावा केसरगंज स्थित महेश मिष्ठान भंडार शामिल रहे।

जांच में मिठाई के डिब्बों का वजन सही मिला

सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जांचे गए सभी प्रतिष्ठानों पर मिठाई के डिब्बों का वजन निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। पैकेज्ड वस्तुओं पर आवश्यक जानकारियां भी नियमानुसार अंकित मिलीं। इसके अलावा दुकानों पर पैकेजिंग रजिस्ट्रेशन और तौल उपकरणों के सत्यापन प्रमाण पत्र भी प्रदर्शित पाए गए। विभाग के अनुसार निरीक्षण में व्यापारियों की ओर से नियमों की पालना संतोषजनक रही।

डिब्बे का वजन घटाकर ही बेचें मिठाई

भावना दयाल ने व्यापारियों को निर्देश दिए कि मिठाई की बिक्री के समय डिब्बे का वजन अलग घटाकर केवल मिठाई का वास्तविक वजन ही उपभोक्ता से वसूला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिब्बे सहित मिठाई का वजन बताकर ग्राहक से पूरी मात्रा का मूल्य लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने पैकेज्ड वस्तुओं पर निर्माता या पैकर का नाम-पता, वस्तु का सामान्य नाम, शुद्ध मात्रा, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और अन्य अनिवार्य घोषणाएं नियमानुसार अंकित करने की आवश्यकता भी बताई।

तौल कांटों का सत्यापन और मानक बाट रखना जरूरी

सहायक नियंत्रक ने कहा कि प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक और अन्य तौल उपकरणों का निर्धारित अवधि में विधिक सत्यापन करवाना अनिवार्य है। साथ ही अधिकतम क्षमता वाले कांटे की क्षमता के दसवें हिस्से के बराबर मानक बाट रखना भी जरूरी है, ताकि तौल की शुद्धता की जांच की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि विधिक माप विज्ञान अधिनियम और पैकेज्ड कमोडिटीज नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारी सीजन में जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

विभाग का यह विशेष अभियान दीपावली के दौरान उपभोक्ताओं को सही मात्रा में वस्तुएं उपलब्ध कराने और बाजार में पारदर्शी बिक्री व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान मिठाई एवं अन्य वस्तुओं की बिक्री पर निगरानी जारी रहेगी। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि मिठाई खरीदते समय डिब्बे का वजन, शुद्ध मात्रा और पैकेट पर अंकित एमआरपी अवश्य जांचें।