बेमेतरा में ट्रांसफार्मर हादसे में झुलसे पिता-पुत्र समेत तीन किसानों की मौत

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बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में ट्रांसफार्मर विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे तीन किसानों की करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। तीनों का रायपुर के अस्पताल में उपचार चल रहा था।

हादसा 20 सितंबर को दाढ़ी क्षेत्र के हेमबंद खार में हुआ था। मृतकों की पहचान मोहतरा निवासी ईश्वर पटेल (62), राधेश्याम चंद्राकर (50) और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) के रूप में हुई है।

ट्रांसफार्मर में धमाके के बाद फैला गर्म तेल

प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित थी। घटना के दौरान ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और गर्म तेल तथा आग की लपटें आसपास फैल गईं। इसकी चपेट में आने से तीनों किसान गंभीर रूप से झुलस गए।

हादसे के बाद ग्रामीणों ने तीनों को बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया। करीब पांच दिनों तक उपचार के बावजूद तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

शुरुआती रिपोर्टों में सामने आया था अलग घटनाक्रम

हादसे के बाद 21 और 22 सितंबर को प्रकाशित शुरुआती रिपोर्टों में ग्रामीणों के हवाले से बताया गया था कि हेमबंद में अटल ज्योति योजना के तहत लगा ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बंद थी। शिकायत के बावजूद तकनीकी कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तीनों किसान ट्रांसफार्मर के पास पहुंचे और डीओ (ड्रॉप आउट फ्यूज) चढ़ाने के प्रयास के दौरान विस्फोट हो गया। हालांकि हादसे के वास्तविक तकनीकी कारण और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

पिता-पुत्र की एक साथ उठी अर्थी

राधेश्याम चंद्राकर और उनके 32 वर्षीय बेटे छन्नू चंद्राकर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार रात किया गया। एक ही हादसे में पिता-पुत्र समेत गांव के तीन किसानों की मौत से मोहतरा में शोक का माहौल है।

घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था और शिकायतों के समय पर निराकरण को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की है।