चंडीगढ़/वॉशिंगटन। अमरीका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी प्रतिष्ठित ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना देने पर 10 लाख अमरीकी डॉलर तक का इनाम घोषित किया गया है। गोल्डी बराड़ इस सूची में शामिल किया गया 543वां भगोड़ा है।
एफबीआई के मुताबिक बराड़ लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से कथित संबंधों और अमरीका में दर्ज कई गंभीर संघीय आरोपों को लेकर वांछित है। उस पर रैकेटियरिंग यानी संगठित आपराधिक गतिविधियों की साजिश, जबरन वसूली के जरिए कारोबार को प्रभावित करने की साजिश तथा नियंत्रित मादक पदार्थों के वितरण और उन्हें वितरित करने के उद्देश्य से रखने की साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप फिलहाल अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं।
अमरीकी जांच एजेंसी का आरोप है कि बराड़ उत्तर अमेरिका में बिश्नोई समूह के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। एफबीआई ने इस नेटवर्क को अमेरिका और कनाडा में टारगेट किलिंग, गोलीबारी, हत्या, अपहरण, जबरन वसूली तथा मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी कथित आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा है। एजेंसी के अनुसार बराड़ अमेरिका में रह चुका है और कैलिफोर्निया तथा कनाडा के विभिन्न हिस्सों में उसकी मौजूदगी की जानकारी रही है।
‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के बाद तेज हुई कार्रवाई
बराड़ के खिलाफ अमरीकी कार्रवाई इसी साल जुलाई में सामने आए ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ से भी जुड़ी है। इस जांच के तहत अमरीका में भारत से जुड़े तीन कथित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से संबंध रखने वाले 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अभियोग सार्वजनिक किए गए थे। एफबीआई के अनुसार उस समय 24 आरोपी गिरफ्तार या पहले से हिरासत में थे।
एफबीआई ने बराड़ को हथियारबंद और खतरनाक बताते हुए आम लोगों को उससे सीधे संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी है। एजेंसी ने कहा है कि उसके बारे में जानकारी रखने वाला व्यक्ति एफबीआई अथवा संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क कर सकता है।
एफबीआई की ‘टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची की शुरुआत वर्ष 1950 में हुई थी। बराड़ को इसमें शामिल किए जाने के बाद उसकी तलाश अब अमरीकी जांच एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल भगोड़ों के स्तर पर पहुंच गई है।



