हैदराबाद। तेलंगाना में संरक्षित वन्यजीव काले हिरण (ब्लैकबक) के कथित शिकार और उसका मांस हैदराबाद ले जाने के मामले का पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने खुलासा किया है। शादनगर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशंस टीम (एसओटी) और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को पकड़ा है। इनके कब्जे से करीब 13 किलो ब्लैकबक का मांस और शिकार में कथित रूप से इस्तेमाल की गई राइफल समेत कई सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों को रायकल टोल प्लाजा के पास उस समय रोका गया, जब वे दो वाहनों से हैदराबाद की ओर जा रहे थे। तलाशी के दौरान टीम को करीब 13 किलो मांस मिला। इसके अलावा टेलीस्कोपिक साइट और साइलेंसर लगी .315 राइफल, 19 कारतूस, दो वाहन, आठ स्मार्टफोन, एक कैमरा, दो टॉर्च और 28,590 रुपए नकद जब्त किए गए।
नारायणपेट के जंगल में शिकार का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नारायणपेट जिले के मरिकल वन क्षेत्र में गए थे। पुलिस का आरोप है कि वहीं एक ब्लैकबक का शिकार किया गया और बाद में उसके मांस को लेकर आरोपी हैदराबाद की ओर रवाना हुए। सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने रायकल टोल प्लाजा के पास उन्हें पकड़ लिया।
पकड़े गए लोगों की पहचान एमडी हाजी उद्दीन (36), मीर मुख्तार अली (37), एमडी तजामुल (37), मीर रजा अली खान (39), खुर्रम खान (35), सैयद सलमान अली (30), एमडी अफरोज खान (36), एमडी अब्दुल अजीज (33) और एमडी रियाज (28) के रूप में की गई है। इनमें हैदराबाद के अलावा संगारेड्डी और महबूबनगर जिले के निवासी भी शामिल हैं।
फ्यूचर सिटी पुलिस कमिश्नर डॉ. तरुण जोशी की निगरानी में की गई कार्रवाई में मामले का 24 घंटे के भीतर पता लगाने का दावा किया गया है। शादनगर डीसीपी सी. सिरीशा राघवेंद्र ने पुलिस, एसओटी और वन विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना की। रंगारेड्डी जिला वन अधिकारी शिव आशीष सिंह भी जांच से जुड़े हैं।
वन्यजीव संरक्षण और आर्म्स एक्ट में केस
इस मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 और 57 के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ब्लैकबक वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति है और इसके अवैध शिकार पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
जांच एजेंसियां अब जब्त मोबाइल फोन, कैमरे और अन्य सामग्री की पड़ताल कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों की इससे पहले भी वन्यजीवों के अवैध शिकार में कोई भूमिका रही है या नहीं। साथ ही मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।



