35 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेता टीमें शाहपुरा में प्रांत स्तर पर करेंगी अजमेर का प्रतिनिधित्व
अजमेर। भारत विकास परिषद की अजमेर मुख्य शाखा की ओर से राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति पर आधारित ‘भारत को जानो’ शाखा स्तरीय अंतर्विद्यालय प्रश्न-मंच प्रतियोगिता सूचना केंद्र सभागार में आयोजित की गई। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 35 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, साहित्य, भूगोल, संविधान, स्वतंत्रता संग्राम और समसामयिक विषयों से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
कई चरणों में हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा में जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के हर्षवर्धन और रूद्र परमार की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल दूसरे तथा एमजी आर्य पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर रहा।
सीनियर वर्ग में माहेश्वरी पब्लिक स्कूल चाचियावास के अमन सिंह रावत और देवेंद्र चौधरी ने बाजी मारी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने दूसरा और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
विजेता विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। दोनों वर्गों की विजेता टीमें अब 18 अक्टूबर को शाहपुरा में आयोजित प्रांत स्तरीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।
मोबाइल फोन बने बजर, 10 हजारवें हिस्से तक मापी प्रतिक्रिया
प्रतियोगिता का सेमीफाइनल चरण विद्यार्थियों के साथ दर्शकों के लिए भी खासा रोमांचक रहा। इसमें आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए प्रतिभागियों के मोबाइल फोन को ही बजर में बदल दिया गया। तकनीकी प्रणाली के जरिए उत्तर देने की गति को एक सेकंड के दस हजारवें हिस्से तक मापा गया। इससे प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया का सटीक आकलन होने के साथ प्रतियोगिता में पारदर्शिता भी बनी रही।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शिक्षाविद् ताराचंद माहेश्वरी मुख्य अतिथि और रशिका महर्षि विशिष्ट अतिथि रहीं। अध्यक्षता डॉ. सुरेश चंद्र गाबा ने की, जबकि प्रांतीय संयोजक एवं पर्यवेक्षक सुलक्षणा पारीक की विशेष उपस्थिति रही।
शाखा अध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी रमेश चंद जाजू ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए भारत विकास परिषद की गतिविधियों तथा ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रतियोगिता का संचालन दिलीप पारीक और डॉ. हरीश बेरी ने किया। पंकज अग्रवाल एवं आदित्य व्यास ने तकनीकी व्यवस्थाएं संभालीं।
विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. श्याम भूतड़ा ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने के साथ तार्किक चिंतन तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में सहायक हैं। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुरेश चंद्र गाबा ने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता में आदर्श विद्या निकेतन, सेंट स्टीफन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुनानक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माहेश्वरी इंटरनेशनल स्कूल, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, श्री मदन प्रताप गुरुकुल आदर्श कन्या विद्यालय, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय महाराणा प्रताप नगर, टाक शैलेट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, द डॉन माउंट पब्लिक स्कूल, श्री बालाजी सेंट्रल पब्लिक स्कूल, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, राजकीय मॉडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छाछियावास, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय चौरसियावास, पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लोहागल, संस्कृति द स्कूल और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल सहित कुल 35 विद्यालयों ने भाग लिया।
इस अवसर पर परिषद के सविता अग्रवाल, भारती कुमावत, नीलमणि गगरानी, बरखा बेरी, राजेश गाबा, राधेश्याम अग्रवाल, मोहनलाल कुमावत, आर.के. बल्दुआ, अशोक गोयल, सुरेंद्र बेदी, नितेश चौधरी, जीतमल चौहान, सोमरत्न आर्य, सत्यनारायण गगरानी, राकेश मूंदड़ा, राजेंद्र मित्तल, मूलचंद डीडवानिया और के.के. वर्मा सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार जताया गया।



