गांधी जयंती पर अजमेर रेल मंडल में पौधारोपण, स्वच्छता का संकल्प

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अजमेर। गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम की शुरुआत मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में हुई। मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा, महिला कल्याण संगठन अजमेर की अध्यक्षा रिंकल भूतड़ा, अपर मंडल रेल प्रबंधक विकास बूरा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रेम रंजन ठाकुर सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बापू की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए।

इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक ने उपस्थित रेलकर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए अधिकारियों ने स्वच्छता सेल्फी स्टैंड पर सेल्फी भी ली।

तरण-ताल परिसर में रोपे पौधे

कार्यक्रम का अगला चरण मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समीप स्थित तरण-ताल परिसर में हुआ, जहां वृहद पौधारोपण अभियान चलाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाए। इस दौरान लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।

रेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि स्वच्छता के साथ रेलवे परिसरों को हराभरा और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में रेलकर्मियों ने स्वच्छ, हरित और टिकाऊ रेलवे परिसर के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रतिबद्धता जताई।

अजमेर मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी स्वच्छता और पौधारोपण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, फालना, रानी, आबूरोड, भीलवाड़ा, मावली और उदयपुर सहित अन्य स्टेशन शामिल रहे।

15 अक्टूबर तक जारी रहेंगी स्वच्छता गतिविधियां

अजमेर मंडल में स्वच्छता पखवाड़े के तहत विभिन्न गतिविधियां 15 अक्टूबर तक आयोजित की जाएंगी। इससे पहले ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मंडल के स्टेशनों, कार्यालयों, रेलवे कॉलोनियों और अन्य परिसरों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं।

इन अभियानों में स्वच्छ पाठशाला, युवा फॉर स्वच्छता, स्वच्छ स्टेशन, स्वच्छ रेलगाड़ी, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल, कचरे का पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, प्लास्टिक के उपयोग से बचाव और जनभागीदारी जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई। साथ ही कचरा प्रभावित स्थानों के सुधार, स्वच्छता से समृद्धि और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी गतिविधियों के जरिए स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।