नई दिल्ली। चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को उस समय हाईवोल्टेज हो गया, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर लेट गईं। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों और नेताओं को रोकने के दौरान प्रियंका ने पुलिस पर कथित बर्बरता का आरोप लगाया। उन्हें सड़क पर लेटा देख कई अन्य नेता भी उनके समर्थन में सड़क पर बैठ गए।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर लेटीं प्रियंका
स्थिति बिगड़ती देख दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाना शुरू किया। इस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
राहुल गांधी बोले- हर एफआईआर मेरे लिए मेडल
राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज प्रत्येक एफआईआर उनके लिए एक मेडल की तरह है।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। राहुल ने कहा कि निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए विपक्षी सांसद जंतर-मंतर जा रहे हैं, क्योंकि विरोध प्रदर्शन के लिए यही स्थान निर्धारित है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
खरगे की बैठक के बाद जंतर-मंतर की ओर कूच
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद दोपहर के भोज का आयोजन किया गया, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।
मंगलवार के प्रदर्शन की अगली कड़ी
बुधवार का घटनाक्रम मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। मंगलवार को भी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया था। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और निर्धारित प्रदर्शन स्थल के नियमों का हवाला दिया जा रहा है। लगातार दूसरे दिन हुए विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली में चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।



