पहली बैठक में ही खुलेगा हिन्दु मंदिर और श्मशान भूमि की मुक्ति का रास्ता!

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सिरोही में रामझरोखा मंदिर के सामने सेवा भारती को आवंटित की जमीन जिस पर निर्माण की इजाजत पर आपत्ति दर्ज करवाई गई।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। हिन्दूत्व और मंदिर के नाम पर सत्ता में आए भाजपा के राज में खुर्द बुर्द की गई हिन्दु मंदिर रामझरोखा और हिन्दू श्मशान की भूमि को मुक्त करवाने का फैसले पर अमल शुरू हो जाएगा। सिरोही सभापति रितु जैन की अध्यक्षता में सिरोही नगर परिषद की होने वाली पहली बैठक का एजेंडा आयुक्त ने जारी कर दिया है।

सिरोही शहर ने अपने मंदिर और श्मशान बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ कांग्रेस को जबरदस्त मेंडेट दिया। कांग्रेस ने हिन्दू मंदिर रामझरोखा की भूमि को प्रशासक काल में कथित रूप से भाजपा के संरक्षण में खुर्दबुर्द करने और इसका एक हिस्सा आरएसएस के प्रकल्प के नाम 99 साल की लीज पर देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। ये सब प्रकरण चल ही रहा था कि हिन्दु श्मशान की भूमि भी आरएसएस के दूसरे प्रकल्प सेवा भारती को देने का मामला सामने आया। इसके बाद कांग्रेस ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।

इन मुद्दों के साथ चुनाव में भी गए थे। परिणामस्वरूप सिरोही के लोगों ने भाजपा को उसकी जगह दिखाकर कांग्रेस को अभूतपूर्व मेंडेट दिया। अब इसी मेंडेट का कर्ज चुकाने के 14 अक्टूबर को होने वाली पहली बैठक में सिरोही के रामझरोखा मंदिर और हिन्दू श्मशान की भूमि के संबंध में निर्णय लेकर इनके पट्टों और आवंटन को निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस भूमि पर जारी आठ पट्टों को निरस्त करने के बाद उच्च न्यायालय में प्रकरण की स्थिति की समीक्षा करने का पहला प्रस्ताव ही इसमें शामिल है। वहीं लालबेरा श्मशान भूमि के पट्टे की समीक्षा व आवंटन को निरस्त किए जाने पर भी विचार विमर्श किया जाएगा।

इसके अलावा नियम विरूद्ध गुलाब नगर जमीन के बनाये गये पट्टों पर समीक्षा व निरस्तिकरण और आचार संहिता की अवधि में अनादरा चैराहा स्थित भूमि के पट्टा आवंटन एवं रूपांतरण की जांच के संबंध में विचार-विमर्श करने का प्रस्ताव बैठक का हिस्सा है। सीवरेज योजना की समीक्षा, कमियों का निराकरण एवं वंचित क्षेत्रों में विस्तार व सीवरेज की कमियों का निराकरण नहीं होने तक नगर परिषद द्वारा हैण्ड ओवर स्वीकार नही किए जाने पर विचार-विमर्श। बैठक में शहर में सडकों एवं फुटपाथों के सुधार हेतु योजना बनाने, पुरानी विवेकानन्द स्कुल स्थल पर व्यवस्थित बाजार एवं पार्किंग विकसित किए जाने, शहर में विचरण कर रहे घुमन्तु पशुओं को पकडकर गौशाला में भेजने के संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा।

– जो आए उसमें से भी ज्यादातर नाराज 

इस बोर्ड में भाजपा की हालत जनता ने अपने मतदान से खराब कर दी थी। इसके बाद डिजिटल निष्कासन प्रक्रिया से बैठक में भाजपा के नेताओं के कथित हितों की सुरक्षा के लिए उठने वाली आवाजों का भी एक तरह से नैतिक रूप से रोक दिया गया है। बोर्ड में भाजपा के दस पार्षद हैं। इनमें से चार का डिजिटल निष्कासन कर दिया गया। शेष बचे छह में से अधिकांश नई महिलाएं हैं। ऐसे में रामझरोखा प्रकरण, लालवेरा प्रकरण समेत स्थानीय नेताओं के प्रत्यक्ष और परोक्ष हस्तक्षेप से होने वाले गुलाब नगर, अनादरा चैराहा प्रकरण की भी पैरवी करने वाली आवाजें बची नहीं हैं।