पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर कार्रवाई, कॉटन पैकेट पर वजन अंकित करने के निर्देश; उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए तीन दिवसीय अभियान
अजमेर। उपभोक्ताओं को सही मात्रा और निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की ओर से जिले में विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
तीन दिवसीय अभियान के तहत मंगलवार को किशनगढ़ शहर की इलेक्ट्रॉनिक दुकानों और पाटन स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर दो फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर 5,000 रुपए का ऑनलाइन चालान किया गया, जबकि एक अन्य प्रतिष्ठान को पैकेट पर वजन अंकित करने के लिए सुधार नोटिस जारी किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों में मिली पैकेजिंग लाइसेंस की कमी
विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने बताया कि किशनगढ़ में पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 के तहत इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ओसवाल इलेक्ट्रॉनिक और एलईडी लाइट बनाने वाली फर्म रूहानिका एक्सपोर्ट सॉल्यूशंस की जांच की गई।
निरीक्षण में दोनों प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिला। इस पर संबंधित नियमों के तहत प्रत्येक फर्म के खिलाफ 5,000 रुपए का ऑनलाइन चालान किया गया। विभाग ने प्रतिष्ठान संचालकों को नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दिए।
पाटन औद्योगिक क्षेत्र में वजन की जांच
अभियान के दौरान पाटन स्थित रतन औद्योगिक क्षेत्र में पृथ्नेश रिसोर्स मूंग दाल मिल और कॉटन मैन्युफैक्चरर स्पैकेम सर्जिकल का भी निरीक्षण किया गया। यहां पैक उत्पादों की मात्रा और वजन की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान 50 पैकेट का वजन किया गया। विभागीय जानकारी के अनुसार, जांच में औसत वजन सही पाया गया। प्रतिष्ठान में उपयोग किए जा रहे कांटों का सत्यापन भी मिला।
हालांकि, कॉटन के पैकेट पर प्रति ग्राम वजन का विवरण अंकित नहीं पाया गया। इसे नियमों के अनुरूप करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी किया गया। साथ ही सात दिन के भीतर सभी पैकेटों पर आवश्यक वजन संबंधी जानकारी अंकित करने के निर्देश दिए गए।
नियमों की पालना नहीं करने पर होगी कार्रवाई
विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों सहित पैकिंग में बेची जाने वाली वस्तुओं के कारोबार से जुड़े दुकानदारों और निर्माताओं को पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 तथा विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया है।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय उसकी निर्धारित मात्रा और जरूरी पैकेजिंग संबंधी जानकारी सही रूप में मिले। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिवसीय औचक निरीक्षण अभियान के जरिए विभाग बाजार में पैक उत्पादों की मात्रा, वजन और अनिवार्य घोषणाओं से जुड़े नियमों की पालना की जांच कर रहा है। इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जा रहा है।



