गुजरात के निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला देकर कांग्रेस पर निशाना, SIR के मुद्दे पर घुसपैठियों को बचाने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस तथा विपक्षी गठबंधन के विरोध पर राहुल गांधी को आत्मचिंतन करने की सलाह दी है। शाह ने कहा कि चुनाव में हार के बाद प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इसे पार्टी के प्रति मतदाताओं के समर्थन का संकेत बताया।
मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए बयान में शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष SIR के मुद्दे को लेकर राजनीतिक अभियान चला रहा है, जबकि उसे चुनावी नतीजों से सबक लेते हुए अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए।
गुजरात के निकाय चुनावों का दिया हवाला
अमित शाह ने गुजरात में हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों का उल्लेख करते हुए भाजपा की जीत को पार्टी के पक्ष में जनसमर्थन का संकेत बताया। उनके अनुसार, तीन नगर निकायों की कुल 104 सीटों में भाजपा ने 90 सीटों पर जीत हासिल की।
शाह ने गांधीनगर नगर निगम का भी जिक्र किया, जहां भाजपा ने 44 में से 38 सीटें जीतने का दावा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन पार्टी को वहां सफलता नहीं मिली और उसके सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
गृह मंत्री ने इन परिणामों को गुजरात में भाजपा के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति मतदाताओं का भरोसा कायम है।
SIR को लेकर कांग्रेस से पूछे सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर विपक्ष की आपत्तियों के बीच शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि कांग्रेस की चुनावी हार को SIR से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी नतीजों की समीक्षा करनी चाहिए और अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए।
शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी असफलताओं के लिए चुनाव प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहरा रही है। उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक दल की लोकप्रियता का आकलन मतदाताओं के फैसले से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनावों में सफलता केवल आरोप लगाने से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए जनता के बीच काम करना, जनसंपर्क बढ़ाना और लोगों का विश्वास हासिल करना जरूरी है।
घुसपैठियों को बचाने का लगाया आरोप
अमित शाह ने SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष की इस रणनीति को समझ चुकी है और अब उसके राजनीतिक आरोपों से प्रभावित नहीं होगी।
हालांकि, घुसपैठियों को बचाने संबंधी यह शाह का राजनीतिक आरोप है। इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग की भूमिका तथा मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, भाजपा इसे मतदाता सूची की समीक्षा और चुनावी व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताती रही है। इस विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
2029 के चुनाव को लेकर भी किया दावा
गृह मंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 2029 में भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगा। उन्होंने कांग्रेस की संभावित चुनावी हार को लेकर भी टिप्पणी की और भाजपा तथा राजग के समर्थन में मतदान करने वाले लोगों का आभार जताया।
शाह ने गुजरात, राजस्थान, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में भाजपा तथा राजग को मिली चुनावी सफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परिणाम जनता के समर्थन को दर्शाते हैं।
विपक्ष का प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर विवाद
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाब मिलना चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा इन मांगों को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठा रही है। ऐसे में SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव जारी है। अमित शाह के बयान ने इस राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।



