अजमेर में विधिक माप विज्ञान विभाग की सख्ती, 35 प्रतिष्ठानों की जांच; एक लाख रुपए जुर्माना

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अजमेर। उपभोक्ताओं को सही मात्रा और निर्धारित माप के अनुसार सामान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग ने अजमेर जिले में विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खाद्य सामग्री सहित प्री-पैक उत्पादों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जिले में किए गए कुल 35 निरीक्षणों के दौरान एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।

उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने बताया कि विभाग की ओर से अलग-अलग चरणों में चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे बाट-कांटों और अन्य माप उपकरणों की सत्यता के साथ-साथ पैक किए गए सामान पर अनिवार्य जानकारी अंकित होने की भी जांच की गई।

पैकेज्ड सामान की भी हुई जांच

अभियान में खास तौर पर उन वस्तुओं को जांच के दायरे में लिया गया, जिन्हें पैक करके उपभोक्ताओं को बेचा जा रहा है। अधिकारियों ने पैकेज कमोडिटीज रूल्स, 2011 तथा विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की पालना की स्थिति देखी।

विभाग की टीमों ने यह भी जांचा कि पैकेज पर उत्पाद की मात्रा, निर्माता अथवा पैकर से संबंधित आवश्यक विवरण और अन्य निर्धारित सूचनाएं सही तरीके से अंकित हैं या नहीं। विभाग का कहना है कि पैकेज्ड वस्तुओं पर अनिवार्य जानकारी का स्पष्ट उल्लेख उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय सही निर्णय लेने में मदद करता है।

असत्यापित बाट-कांटे मिलने पर कार्रवाई

सहायक नियंत्रक भावना दयाल के अनुसार व्यापारियों के लिए अपने प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले बाट और माप उपकरणों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन करवाना जरूरी है। यदि जांच के दौरान असत्यापित बाट-कांटे या निर्धारित मात्रा से कम वजन पाए जाते हैं तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने माप-तौल उपकरणों का समय पर सत्यापन कराएं और पैकेजिंग से जुड़े सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। नियमों की अनदेखी उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित करने के साथ-साथ कारोबारी के लिए भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

इन प्रतिष्ठानों का हुआ निरीक्षण

अभियान के तहत बुधवार को विभागीय टीम ने अजमेर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इनमें कृष्ण गोपाल आयुर्वेदिक भवन, परबतपुरा, अजमेर गैस, बालाजी फ्लोर मिल, मेहता इलेक्ट्रॉनिक्स और खुराना इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने माप-तौल उपकरणों और पैक किए गए उत्पादों से संबंधित नियमों की जांच की तथा व्यापारियों को निर्धारित प्रावधानों की पालना के लिए पाबंद किया।

आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

विभाग के अनुसार विशेष निरीक्षण अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। अधिकारियों का फोकस ऐसे प्रतिष्ठानों पर रहेगा जहां उपभोक्ताओं को वजन अथवा माप के आधार पर वस्तुओं की बिक्री की जाती है या प्री-पैक उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं।

विधिक माप विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि असत्यापित बाट-कांटा, कम वजन या पैकेजिंग नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।