450 किलो की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
अजमेर। शारदीय नवरात्र के साथ अजमेर में बंगाली समाज का पारंपरिक दुर्गा महोत्सव भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बंगाली गली स्थित बंगाली धर्मशाला में श्री सर्वजनीन दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। करीब 450 किलोग्राम वजनी प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
मां दुर्गा की प्रतिमा को विशेष रूप से कोलकाता से आए कारीगरों और कलाकारों ने तैयार किया है। प्रतिमा निर्माण से लेकर सजावट और पूजा की तैयारियों में बंगाली समाज की पारंपरिक शैली और धार्मिक रीति-रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया है। पूजा स्थल पर पहुंच रहे श्रद्धालु विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना कर दर्शन कर रहे हैं।
200 से ज्यादा परिवार लेते हैं हिस्सा
दुर्गा पूजा महोत्सव में अजमेर के बंगाली समाज के 200 से अधिक परिवार भागीदारी करते हैं। पूजा के दौरान समाज के लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सामूहिक रूप से आयोजन में शामिल होते हैं। इससे धार्मिक आयोजन के साथ बंगाली संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की झलक भी देखने को मिलती है।
बंगाली समाज के लिए दुर्गा पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी है। अजमेर में लंबे समय से रहने वाले बंगाली परिवार इस आयोजन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
दशहरे के दिन होगा प्रतिमा विसर्जन
समिति से मिली जानकारी के अनुसार, मां दुर्गा की प्रतिमा का दशहरे के दिन विधिवत विसर्जन किया जाएगा। इससे पहले पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
अजमेर में बंगाली समाज की दुर्गा पूजा शहर की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का भी उदाहरण है। यहां अलग-अलग समुदाय अपने पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाते हैं, जिससे शहर की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सहभागिता दिखाई देती है। राजस्थान पर्यटन विभाग भी अजमेर को विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय वाले शहर के रूप में रेखांकित करता है।
कोलकाता की परंपरा, अजमेर में उत्सव
दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली समाज के पंडालों में पारंपरिक पूजा पद्धति, प्रतिमा सज्जा और सांस्कृतिक गतिविधियां विशेष आकर्षण रहती हैं। अजमेर में भी कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा प्रतिमा तैयार किए जाने से आयोजन में बंगाल की पारंपरिक कला की झलक देखने को मिल रही है।
मां दुर्गा के दर्शन के लिए समाज के लोगों के साथ अन्य श्रद्धालु भी पूजा स्थल पर पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक मेलजोल का यह आयोजन अजमेर में दुर्गा पूजा के उत्सव को और खास बना रहा है।



