अखंड ज्योति के दर्शन को पहुंचे एक लाख से अधिक श्रद्धालु
अजमेर। अजमेर जिले के नसीराबाद उपखंड स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ में आयोजित लख्खी छठ मेला श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेले में आयोजकों के अनुसार एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भैरवनाथ, मां कालिका और नवरात्र महोत्सव के दौरान प्रज्वलित अखंड ज्योति के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तंभ की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे धाम में बाबा भैरव के जयकारे गूंजते रहे।
मेले में राजस्थान सहित हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। कई भक्त झंडे लेकर जुलूस के रूप में धाम पहुंचे। गुरुवार रात से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मेले के दौरान धार्मिक आस्था के साथ नशामुक्ति और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश भी दिया गया।
चक्की वाले बाबा के मंदिर से निकली शोभायात्रा
छठ मेले के अवसर पर सुबह चम्पालाल महाराज के सान्निध्य में चक्की वाले बाबा के मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद बाबा भैरवनाथ, मां कालिका और प्राचीन वीर तेजाजी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। चम्पालाल महाराज ने ध्वजारोहण कर मेले का शुभारंभ किया।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु बाबा भैरव और मां कालिका के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। मेले में केकड़ी के एमएलडी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। वहीं, भजन गायिका ज्योति सेनी की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया।
अखंड ज्योति और मनोकामनापूर्ण स्तंभ के दर्शन
धाम में स्थापित अखंड ज्योति के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। भक्तों ने सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तंभ की परिक्रमा की और धाम की परंपरा के अनुसार विशेष चिमटी प्राप्त की। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों के बीच मंदिर परिसर में दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
मेले के अवसर पर राजगढ़ गांव में पहले से ही दुकानें सजने लगी थीं। धार्मिक आयोजन के साथ ग्रामीण मेले का माहौल भी देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने खरीदारी की और परिवार के साथ मेले का आनंद लिया।
भैरव चालीसा का विमोचन, श्रद्धालुओं को निशुल्क वितरण
छठ मेले के दौरान चम्पालाल महाराज और उनके परिवार के सदस्यों ने राजगढ़ भैरव चालीसा का विमोचन किया। इसके बाद धाम में आए श्रद्धालुओं को चालीसा निशुल्क वितरित की गई। आयोजन में धार्मिक साहित्य के माध्यम से बाबा भैरवनाथ की भक्ति और आध्यात्मिक संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
नशामुक्ति और बेटी बचाओ का दिलाया संकल्प
राजगढ़ धाम में आयोजित मेले का एक प्रमुख उद्देश्य नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता और कुरीतियों के खिलाफ संदेश देना भी रहा। चम्पालाल महाराज ने श्रद्धालुओं को नशे से दूर रहने और परिवार व समाज में सुख-शांति बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने नशे को परिवारों में कलह और सामाजिक समस्याओं का कारण बताते हुए ‘बोतल फोड़ो, नशा छोड़ो, घर को जोड़ो’ का संदेश दिया।
इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत श्रद्धालुओं को भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया। चम्पालाल महाराज ने कहा कि बेटियां परिवार का सौभाग्य होती हैं और उन्हें शिक्षा व सम्मान के समान अवसर मिलने चाहिए।
महाआरती और छप्पन भोग के साथ मेले का समापन
मेले का समापन शाम को चम्पालाल महाराज के सान्निध्य में महाआरती के साथ हुआ। इस अवसर पर बाबा भैरवनाथ और मां कालिका की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा छप्पन भोग अर्पित किया गया। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मेले की व्यवस्थाओं में व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन सहित रमेश सेन, अविनाश सेन, राहुल सेन, मुकेश सेन और अन्य सहयोगियों ने भूमिका निभाई। राजगढ़ धाम का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और बेटियों के सम्मान का संदेश देने के लिए भी चर्चा में रहा।




