बैतूल में कथित धर्मांतरण मामले में पादरी रेगलीन इमैनुएल की जमानत याचिका खारिज

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बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में मिशन प्राथमिक शाला परिसर में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी पादरी रेगलीन इमैनुएल को अदालत से राहत नहीं मिली है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

प्रकरण में पैरवी कर रहे अधिवक्ता रोशन मगरदे के अनुसार, अदालत ने मामले की गंभीरता, आरोपी के पूर्व आपराधिक मामलों और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जैसे पहलुओं को जमानत नहीं देने के प्रमुख आधारों में शामिल किया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी को फिलहाल इस मामले में नियमित जमानत नहीं मिल सकी है।

27 सितंबर को दर्ज हुआ था मामला

अधिवक्ता के अनुसार, इस मामले में 27 सितंबर 2026 को बैतूल के कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सत्यम विश्वकर्मा ने मिशन प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित धार्मिक सभा को लेकर कथित धर्मांतरण के आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

इससे पहले भी मिशन स्कूल परिसर में प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने को लेकर विवाद सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिसर में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और प्रार्थना सभा कराए जाने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। उस दौरान दो पादरियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं।

आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी

मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों और आशंकाओं के आधार पर निर्णय लिया गया। हालांकि, जमानत याचिका खारिज होना अपने आप में आरोपों पर अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। प्रकरण में आरोपों की सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा।