अब 5 सीटर वाहन बनाने की तैयारी
चम्पावत। सीमित संसाधनों के बीच तकनीकी नवाचार की मिसाल पेश करने वाले चम्पावत के युवा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग छात्र राहुल नरियाल को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। राहुल ने करीब 40 हजार रुपए की लागत और लगभग एक माह की मेहनत से सौर ऊर्जा से चलने वाला सिंगल सीटर वाहन तैयार किया है। उनके इस प्रयोग को पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में युवाओं की रचनात्मक सोच के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को राहुल नरियाल और उनके माता-पिता भैरव दत्त नरियाल एवं बसंती देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। डीएम ने राहुल की मेहनत, तकनीकी रुचि और नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी ऐसे प्रयोग जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। चम्पावत जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर मनीष कुमार को वर्तमान जिलाधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।
एक महीने में तैयार किया सोलर वाहन
चम्पावत के मादली निवासी राहुल नरियाल मूल रूप से क्वैराला घाटी के अमकड़िया गांव के रहने वाले हैं। वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पेट्रोलियम ईंधन की बढ़ती लागत और वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सौर ऊर्जा आधारित वाहन तैयार करने का विचार विकसित किया।
राहुल ने उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए करीब एक महीने में इस वाहन का प्रोटोटाइप तैयार किया। वाहन को फिलहाल एक व्यक्ति के बैठने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसकी निर्माण लागत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है।
पहाड़ी रास्तों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर
राहुल के अनुसार उनका तैयार किया गया वाहन पहाड़ी इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने वाहन की क्षमता और बैटरी सिस्टम के आधार पर एक बैटरी से करीब 70 किलोमीटर तथा दो बैटरियों के साथ इससे अधिक दूरी तय करने की क्षमता का दावा किया है। हालांकि वास्तविक उपयोग में वाहन की रेंज सड़क, भार, मौसम, बैटरी और ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इस तरह के वाहनों से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन के लिए कम लागत वाले वैकल्पिक साधन विकसित करने की दिशा में राहुल का प्रयोग खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब पांच सीटर सोलर कार बनाने का लक्ष्य
सिंगल सीटर वाहन तैयार करने के बाद राहुल की योजना अब बड़े स्तर पर सोलर वाहन विकसित करने की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह भविष्य में पांच लोगों के बैठने की क्षमता वाली सोलर कार बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि तकनीक को और बेहतर बनाकर ऐसा वाहन तैयार किया जाए, जिसका इस्तेमाल सामान्य परिवहन के लिए भी किया जा सके।
मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं सम्मान
राहुल नरियाल के नवाचार को इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सम्मानित कर चुके हैं। राहुल की उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब इलेक्ट्रिक और सौर ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार वे चम्पावत विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
किसान परिवार से आने वाले राहुल की तकनीकी उड़ान
राहुल के पिता भैरव दत्त नरियाल किसान हैं और मां बसंती देवी गृहिणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले राहुल ने अपनी तकनीकी रुचि और प्रयोगधर्मिता के दम पर सोलर वाहन तैयार किया है। जिला प्रशासन की ओर से सम्मान मिलने से उनके परिवार में भी उत्साह का माहौल है।
राहुल का यह प्रयोग न केवल चम्पावत बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जो सीमित संसाधनों में तकनीकी नवाचार और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।



