डीग में जुड़वां भाइयों की हत्या का खुलासा, मां ने प्रेमी और बड़े बेटे के साथ मिलकर रची थी साजिश

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डीग। राजस्थान के डीग जिले के बड़ेसरा गांव में 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घर के पास खाली प्लॉट में मिले विनय और विष्णु चौधरी के शवों की जांच में पुलिस का शक परिवार के भीतर ही गहराता गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मां प्रीति, उसके कथित प्रेमी और 16 वर्षीय बड़े बेटे की भूमिका सामने आई है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक दोनों किशोरों की हत्या मंगलवार सुबह की गई। उनके शव घर से कुछ दूरी पर एक खाली प्लॉट में मिले थे। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार और सिर पर चोट के निशान मिले। घटनास्थल पर खून भी बिखरा हुआ था। डीग के पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ सहित पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाए।

सुबह घर से निकले, फिर वापस नहीं लौटे

विनय और विष्णु मंगलवार सुबह घर से निकले थे। काफी देर तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान घर के पास स्थित खाली प्लॉट में दोनों के शव पड़े मिले। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

प्रारंभिक दौर में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का ध्यान परिवार के सदस्यों और बच्चों के आसपास के लोगों की भूमिका की ओर गया। बाद की पुलिस जांच में मां, उसके कथित प्रेमी और बड़े बेटे को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है।

मां के रिश्ते को लेकर बच्चों से विवाद की आशंका

जांचकर्ताओं के अनुसार, हत्या के पीछे मां के कथित प्रेम संबंध को लेकर पारिवारिक विवाद का एंगल सामने आया है। पुलिस का कहना है कि दोनों जुड़वां भाई अपनी मां के कथित रिश्ते से खुश नहीं थे और इसे लेकर विरोध करते थे। इसी को हत्या की साजिश के संभावित कारण के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक मां ने कथित तौर पर अपने प्रेमी को घर बुलाया था। इसके बाद 16 वर्षीय बड़े बेटे के साथ मिलकर दोनों जुड़वां भाइयों की हत्या किए जाने की आशंका है। महिला का कथित प्रेमी भी उसी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि हत्या की पूरी वजह और वारदात का क्रम पुलिस पूछताछ तथा साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट होगा।

पति की मौत के बाद मायके में रह रही थी प्रीति

पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीति की शादी करीब 20 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सरोठ मनसा गांव निवासी निरंजन सिंह से हुई थी। पति की मृत्यु के बाद वह अपने चार बच्चों के साथ डीग जिले के बड़ेसरा गांव स्थित अपने मायके में रहने लगी थी।

परिवार में 18 वर्षीय बेटी, 16 वर्षीय बेटा और 13 वर्षीय जुड़वां बेटे विनय और विष्णु थे। दोनों जुड़वां भाई परिवार में सबसे छोटे थे। हाथरस से जुड़े मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों पिछले कुछ वर्षों से अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रहे थे।

हत्या से पहले परिवार के भीतर तनाव की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किशोरों की हत्या की योजना कब बनाई गई और वारदात में कौन-कौन शामिल था। जांच में पारिवारिक विवाद, मां के कथित प्रेम संबंध और बच्चों द्वारा किए जा रहे विरोध को प्रमुख बिंदुओं के रूप में देखा जा रहा है।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दो मासूम भाइयों की एक साथ हत्या की घटना से बड़ेसरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पारिवारिक विवाद किस तरह इस भयावह दोहरे हत्याकांड तक पहुंचा और इसमें प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या रही।