सिरोही। आदिवासी बहुल पिंडवाड़ा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल सामने आई है। मुंबई निवासी भामाशाह निर्मल जैन ने पिंडवाड़ा में राजकीय महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण के लिए अपनी भूमि राज्य सरकार को देने की घोषणा की है। करीब चार बीघा 43 बिस्वा भूमि की अनुमानित कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसी जमीन पर करीब छह करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक कॉलेज भवन तैयार किया जाएगा।
निर्मल जैन ने गुरुवार को जयपुर में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात कर कॉलेज भवन के लिए भूमि दान और निर्माण की योजना की जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने जैन परिवार की पहल की सराहना करते हुए इसे पिंडवाड़ा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान बताया।
हाईवे के पास बनेगा नया कॉलेज परिसर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित कॉलेज भवन पिंडवाड़ा-आबूरोड हाईवे संख्या 62 पर विकसित किया जाएगा। करीब 25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में बनने वाले भवन में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना है। निर्माण पूरा होने के बाद भवन राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा।
इस स्थान की एक खासियत यह भी बताई जा रही है कि प्रस्तावित परिसर राष्ट्रीय राजमार्ग-62 और राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के संपर्क क्षेत्र के निकट होगा। इससे पिंडवाड़ा तहसील और आसपास के गांवों से कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
करीब 25 किलोमीटर दायरे के विद्यार्थियों को फायदा
नए भवन के तैयार होने से पिंडवाड़ा तहसील के अलावा आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कॉलेज के स्थायी भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज के नए परिसर के लिए निर्मल जैन की ओर से भेजे गए एमओयू प्रस्ताव को कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब आगे की प्रक्रिया में एमओयू पर हस्ताक्षर और भवन निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं।
शिक्षा क्षेत्र में पहले भी योगदान
निर्मल जैन परिवार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का यह पहला प्रयास नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी जैन परिवार और उससे जुड़ी संस्था द्वारा राजस्थान में शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर भवन निर्माण में सहयोग किया गया है।
पिंडवाड़ा में कॉलेज के लिए जमीन और भवन निर्माण में सहयोग को स्थानीय स्तर पर शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए स्थायी कॉलेज भवन बनने से उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होने की उम्मीद है।



